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धामी सरकार के 4 साल: जानिए कैसे विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार में हुए बड़े बदलाव, चार बड़ी उपलब्धियां

dhami sarkaar kay 4 saal, cm pushkar singh dhami उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं। उत्तराखंड ने बीते चार वर्षों में विकास, पर्यटन, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना जिसने समान नागरिक संहिता लागू की।

इसके साथ ही सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने शासन व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाया। नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में विश्वास बढ़ा और चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इसका प्रमाण है।

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आर्थिक मोर्चे पर भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में राज्य का जीएसडीपी ₹3.81 लाख करोड़ तक पहुँच गया, जो 2021-22 की तुलना में डेढ़ गुना वृद्धि दर्शाता है। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर ₹2.73 लाख हो गई है, जबकि मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। राज्य का ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत रहा, जो मजबूत आर्थिक आधार को दर्शाता है।

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान ₹3.56 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए, जिनमें से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। स्टार्टअप इकोसिस्टम में उत्तराखण्ड को "लीडर" का दर्जा मिला है, वहीं एमएसएमई की संख्या बढ़कर लगभग 80 हजार तक पहुँच गई है। इससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख कार्ड बनाए गए और 17 लाख से अधिक मरीजों को ₹3400 करोड़ से अधिक का मुफ्त इलाज मिला। महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण, सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी और "लखपति दीदी" योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक महिलाओं का सशक्तिकरण, राज्य की सामाजिक समावेशन नीति को दर्शाता है।

पर्यटन और धार्मिक आस्था के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वर्ष 2025 में 6 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य जारी हैं। साथ ही, मानसखंड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा की शुरुआत ने पर्यटन को वर्षभर सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, रोपवे परियोजनाएं और हेली सेवाओं का विस्तार, कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रहे हैं। राज्य में हेलीपोर्ट और हेलीपैड की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नवाचार देखने को मिला है। मिलेट्स नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। "हाउस ऑफ हिमालयाज" ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहा है।

उत्तराखण्ड ने विभिन्न राष्ट्रीय सूचकांकों में शानदार प्रदर्शन किया है। नीति आयोग के निर्यात तैयारी सूचकांक 2024 में राज्य ने छोटे राज्यों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में भी उत्तराखण्ड देश में शीर्ष स्थान पर रहा।

राज्य आंदोलनकारियों के योगदान को सम्मान देते हुए सरकारी नौकरियों में उन्हें 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही उनके आश्रितों की पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रतिमाह कर दी गई है।

सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई। इसके साथ ही राज्य में सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए राज्य में 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो प्रशासनिक दृढ़ता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

धामी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया, वहीं सहकारी प्रबंध समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की गई।

प्रदेश में अब तक 2.54 लाख से अधिक महिलाएं "लखपति दीदी" बन चुकी हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है। स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज ऋण देकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।

प्रमुख उपलब्धियां

  • उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बना जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई
  • भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ी और 30 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली
  • राज्य का जीएसडीपी 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा
  • प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.73 लाख रुपये हो गई
  • ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए
  • 1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश जमीन पर उतर चुका है
  • पर्यटन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 2025 में 6 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
  • केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य जारी
  • महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू
  • 2.5 लाख से ज्यादा महिलाएं 'लखपति दीदी' बनीं
  • अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख से ज्यादा कार्ड बनाए गए
  • चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड श्रद्धालु पहुंचे
  • राज्य में रोपवे, रेल और सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी
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