Dehradun news: देहरादून में पॉड कार पीआरटी सिस्टम लाने की तैयारी, जानिए कैसे चलेगा क्या होगा फायदा
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब पॉड कार यानी पीआरटी सिस्टम लाया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन, यूकेएमआरसी को सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। बता दें कि पहले देहरादून में नियो मेट्रो चलाने की तैयारी थी, लेकिन अभी तक केंद्र से हरी झंडी न मिलने के कारण सरकार ने ये फैसला लिया है।

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने रैपिड ट्रांजिट संबंधी बैठक ली। इसमें यूकेएमआरसी ने दून में 2022 करोड़ की लागत से 18 किमी रोपवे 1778 करोड़ की लागत से 25 किमी एलिवेटेड बस रैपिड ट्रांजिट, बीआरटी का प्रस्ताव दिया। जिसे मुख्य सचिव ने अव्यवहारिक बताया। तीसरा विकल्प दून में 1753 करोड़ की लागत से 25 किमी पीआरटी का आया।
यूकेएमआरसी के एमडी जितेंद्र त्यागी ने इसके लिए हीथ्रो एयरपोर्ट की अल्ट्रा पीआरटी और यूनिवर्सिटी ऑफ मैडसर सिटी पीआरटी का उदाहरण दिया। मुख्य सचिव ने इस पर सहमति जताते हुए देहरादून में पॉड कार संचालन को सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।
बताया गया है कि अब देहरादून में भी 25 किमी पीआरटी को लेकर सर्वे कराया जाएगा। गौरतलब है कि पहले यूकेएमआरसी ने दून में नियो मेट्रो चलाने का प्रस्ताव तैयार किया था। जिस पर मुहर लगाने के बाद सरकार ने केंद्र को भेज दिया था। लंबे समय से केंद्र सरकार ने इस पर कोई सहमति नहीं भेजी है।
हरिद्वार व दून पीआरटी का निर्माण हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत करेगी। इसमें सरकार डेवलपर को परियोजना में होने वाले खर्च का 40 फीसदी भुगतान कार्य प्रारंभ होने से पहले ही कर देती है। जबकि बाकी 60 फीसदी राशि डेवलपर को खुद लगानी होती है।
पॉड कार उन इलाकों के लिए यातायात का सबसे सही साधन है, जहां काफी भीड़भाड़ हो और जमीन पर ट्रैफिक के लिए और साधन बनाने की जगह न हो। एक पॉड टैक्सी में 4 से 6 लोग आराम से बैठ सकते हैं और इसे चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत भी नहीं होती है।












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