जहरीले सांपों में गिने जाने वाले करैत सांप ने 17 वर्षीय युवक को डसा, वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा, फिर ऐसे बची जान
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने एक बार फिर कड़ी मेहनत से एक व्यक्ति की जान बचाई है। युवक को घर पर ही भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिने जाने वाले करैत सांप ने डसा था। जिससे बचने की उम्मीद कम ही रहती है।
लेकिन दून अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने युवक को बचाने में पूरा जोर लगाया। युवक को 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। जिसकेे बाद युवक की जान बचाई जा सकी। दो दिन तक मरीज का अस्पताल में इलाज चलाया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर मरीज को बीते रोज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

राजकीय दून अस्पताल के डॉक्टर सुशील ओझा ने जानकारी देते हुए बताया कि बीती 26 जून को देहरादून के इंदिरा नगर के रहने वाले 17 वर्षीय युवक को दाहिने हाथ के अंगूठे पर करैत सांप ने डस लिया था। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने युवक को दून अस्पताल में भर्ती कराया। उस समय मरीज को दाहिने हाथ पर खुजली और जलन की शिकायत थी।
दाहिने हाथ के अंगूठे के आधार पर सांप के दांत के निशान पाए गए। इस बीच अचानक से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। डॉक्टरों ने सर्प दंस से पीड़ित युवक को 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और ऑक्सीजन दिया। दो दिन तक मरीज का अस्पताल में इलाज चलाया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर मरीज को बीते रोज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
युवक का इलाज करने वालों में डॉ. अशोक कुमार, डॉ. गौरव मखीजा, डॉक्टर पूजा और डॉक्टर प्रमोद टम्टा शामिल रहे। डॉ. अशोक ने बताया कि जब युवक को अस्पताल लाया गया तो उसमें सीएनएस लक्षण थे और वो अचेत अवस्था में था। युवक को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में उसे 6 घंटे के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट में भी रखा गया।
- करैत सांप (Common Krait) भारत में पाए जाने वाले अत्यंत विषैले साँपों में से एक है।
- इसके दो प्रमुख प्रकार पाए जाते हैं, जिनमें कॉमन करैत और बैंडेड करैत शामिल है। यह खेत, जंगल, गांव और मानव बस्तियों के पास रहता है।
- करैत के काटने से लकवा, सांस लेने में तकलीफ और मौत हो सकती है।
- काटने का दर्द आमतौर पर कम होता है, जिसके कारण पीड़ित को तत्काल खतरे का अहसास नहीं होता।
- यह आमतौर पर चमकीला काला, भूरे रंग का होता है. जिसमें पीली चौड़ी धारियां होती है।
- करैत साँप ज़्यादातर रात को काटता है और कई बार व्यक्ति को काटे जाने का एहसास भी नहीं होता क्योंकि उसका दंश बहुत हल्का लगता है।
- इसके काटने से मृत्यु की संभावना बहुत अधिक होती है यदि तुरंत इलाज न किया जाए।
- यह भारतीय उपमहाद्वीप के चार सबसे जहरीले साँपों - करैत, कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर - में शामिल है, जिन्हें "बिग फोर" कहा जाता है।












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