कार्बेट नेशनल पार्क में अब कैमरे का भी देना होगा शुल्क, जानिए कितना और क्या हैं शर्तें?
कार्बेट नेशनल पार्क में अब कैमरा ले जाने पर भी शुल्क देना होगा। ये शर्त एसएलआर कैमरा ले जाने पर लागू होगा। बता दें कि कार्बेट नेशनल पार्क में अब घूमने फिरने और ठहरने के शुल्क में 14 साल बाद बढ़ोत्तरी की गई है। अब तक पार्क में कैमरा ले जाने पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगता था। लेकिन अब भारतीय पर्यटक को एसएलआर कैमरा ले जाने पर 1 हजार और विदेशी पर्यटक को दो हजार रुपए देना होगा।

व्यवसायिक फोटोग्राफी के लिए 500 रुपए की जगह भारतीय को 2 हजार रुपए देना होगा। जबकि विदेशी पर्यटक को 1500 की जगह 4 हजार रुपए दिए जाएंगे। ढ़िकाला गेस्ट हाउस का एक रात का किराया 1250 रुपए से बढ़ाकर 2 हजार रुपए कर दिया गया है। बिजरानी और ढेला में भी 2 हजार रुपए देने होंगे।
सर्पदुली गेस्ट हाउस में दो हजार की जगह 4 हजार रुपए चुकाने होंगे। कॉर्बेट नेशनल पार्क में सफारी, एडवेंचर और घूमने फिरने के लिए पर्यटकों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। कॉर्बेट पार्क प्रशासन ने पार्क में घूमने का शुल्क 3 गुना तक बढ़ा दिया है। जो कि जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में कार्बेट नेशनल पार्क है। जहां पर्यटक जंगल की सफारी से लेकर मनोरंजन और परिवार के साथ घूमने फिरने आते हैं। यहां देश ही नहीं विदेश से भी पर्यटक आते हैं। जो कि अपने कैमरे में इन पलों को कैद करते हैं। लेकिन अब इन पलों को यादगार बनाने के लिए शुल्क देना होगा।
कॉर्बेट पार्क में 4 घंटे का डे विजिटर कॉर्बेट पार्क के झिरना, बिजरानी, दुरागादेवी, पाखरो, ढेला, गर्जिया जॉन में डे विजिट कर सकते हैं। इसका खर्चा अब 1 हजार से बढ़ कर तीन हजार हो गया है। उत्तराखंड का विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध ढिकाला जोन है। कॉर्बेट नेशनल पार्क के इस जोन में सबसे ज्यादा बाघ और हाथी पाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए देश और विदेश से तमाम पर्यटक हर साल यहां पर पहुंचते हैं।
ये पार्क साल में सात महीने के लिए खोला जाता है जबकि 5 महीने तक ये पार्क बंद रहता है। 15 जून से 15 नवंबर के बीच इसे हर साल बंद कर दिया जाता है। अब ये फिर 15 नवंबर को खोला जाएगा।












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