Uttarakhand congress उदयपुर चिंतन शिविर के फैसलों को लागू करने को लेकर खींचतान, इस मुद्दे ने बढ़ाई चिंता
उत्तराखंड कांग्रेस के देहरादून महानगर अध्यक्ष पद से लालचंद शर्मा की छुट्टी के बाद से एक बार फिर संग्राम मचा हुआ है। शर्मा को हटाने के पीछे उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए फैसलों को आधार बताया जा रहा है।

उत्तराखंड कांग्रेस में उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए फैसलों को आधार बनाकर प्रदेश संगठन में किए जा रहे बदलाव को लेकर कांग्रेस में कलह नजर आने लगी है। जिसके बाद कांग्रेस के अंदर एक बार फिर गुटबाजी चरम पर है। कई मुद्दों पर प्रदेश संगठन से दूरी बना चुके प्रीतम सिंह एक बार फिर संगठन से नाराज बताए जा रहे हैं। इसका प्रमुख कारण महानगर अध्यक्ष पद से लालचंद शर्मा की छुट्टी करने को माना जा रहा है। जिसका कारण शर्मा का लंबे समय से महानगर की सीट पर बैठे रहना माना जा रहा है।
देहरादून महानगर अध्यक्ष पद से लालचंद शर्मा की छुट्टी ,प्रीतम खेमा नाराज
उत्तराखंड कांग्रेस के देहरादून महानगर अध्यक्ष पद से लालचंद शर्मा की छुट्टी के बाद से उत्तराखंड कांग्रेस में एक बार फिर संग्राम मचा हुआ है। शर्मा को हटाने के पीछे उदयपुर चिंतन शिविर में लिए गए फैसलों को आधार बताया जा रहा है। लेकिन इससे प्रीतम खेमा नाराज बताया जा रहा है। लालचंद शर्मा, प्रीतम सिंह के करीबी माने जाते हैं। शर्मा की छुट्टी होने से प्रीतम खेमा प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा से आमने सामने आ गया है। नाराज खेमा इस बात से नाराज है कि एक तरफ पार्टी के भीतर वर्षों से पदों पर जमे कई पदाधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। दूसरी तरफ महानगर अध्यक्ष को इसी कारण हटाया गया है। अब प्रीतम खेमे के निशाने पर प्रदेश अध्यक्ष आ गए हैं।
पार्टी में जमे दूसरे पदाधिकारियों को भी टारगेट
प्रीतम खेमे की और से इस फैसले के बाद पार्टी में जमे दूसरे पदाधिकारियों को भी टारगेट किया जा रहा है। जो कि संगठन के कई पदों पर सालों से जमे हैं। जो कि उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री की कुर्सी पर हैं। इसको लेकर प्रीतम खेमा मीडिया में बयानबाजी भी कर चुका है। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कुर्सी संभालने के बाद से ही प्रीतम खेमे के निशाने पर आ चुके हैं। ऐसे में करन माहरा के सामने अब गुटीय संतुलन साधने के साथ ही प्रीतम खेमे को शांत करने की चुनौती है। प्रीतम सिंह के कार्यक्रम से लेकर पार्टी के कई बड़े कार्यक्रम प्रदेश संगठन की दूरी बनाने से ही कई बार पार्टी के अंदर चल रही खींचतान सामने आ चुकी है।
पार्टी के अंदर खींचतान जारी
इसके अलावा जिलों में सौंपी गई नई जिम्मेदारियों को लेकर भी कई जगहों पर अंदरखाने विरोध के सुर उठ रहे हैं। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से बीते माह 19 नवंबर को 17 कार्यकारी जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों की सूची जारी की गई थी। इनमें से कुछ जगहों पर जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों ने स्वयं से इस्तीफा देकर कमान नए कार्यकारी अध्यक्षों को सौंप दी है, जबकि कुछ अभी भी जमे हुए हैं। ऐसे में पार्टी के अंदर खींचतान जारी है। इस फैसले को भी उदयपुर में हुए चिंतन शिविर में लिए गए निर्णयों को आधार माना गया है।प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को अभी प्रदेश स्तर का संगठन का ढांचा तैयार करना है। ऐसे में उनके सामने प्रीतम खेमे को साधने की चुनौती भी है। जिस तरह से पहले ही दिन से करन माहरा प्रीतम सिंह के निशाने पर हैं। उससे ये कदम उठाना बड़ी मुश्किल खड़ी करना साबित हो सकता है।












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