भ्रष्ट्राचार पर कांग्रेसियों ने दिखाई एकजुटता, गोदियाल पर लगे आरोपों की जांच के साथ मंत्री की जांच की मांग

भ्रष्ट्राचार पर कांग्रेसियों ने भाजपा पर जमकर किया प्रहार

देहरादून, 8 जुलाई। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वर्ष 2012 से 2017 के बीच की वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत का मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मुद्दे को लेकर भाजपा, कांग्रेस आमने सामने आ चुकी है। शुक्रवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत सभी कांग्रेसियों ने सारे आरोपों को नकारते हुए आरोपों की जांच हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीशों की देखरेख में गठित अलग-अलग समितियों से कराने की मांग की है। सा​थ ही गणेश गोदियाल ने उनके साथ-साथ सहकारिता मंत्री धन सिंह पर लगे भ्रष्ट्राचार के आरोपों की भी जांच करने की मांग की है।

Congress solidarity on corruption, demands investigation of minister iallegations against Godiyal

गोदियाल ने की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच की मांग
उत्तराखंड कांग्रेस के कार्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मन्दिर समिति के एक वर्तमान सदस्य द्वारा वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के मध्य मेरी अध्यक्षता वाली मन्दिर समिति पर विभिन्न अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए वर्तमान सरकार के काबिना मंत्री से शिकायत करते हुए जांच की मांग की गई और मंत्री द्वारा शिकायत का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश भी जारी किये गये हैं जिसका मैं स्वागत करता हूं। गणेश गोदियाल ने कहा कि स्वयं उनके द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के सहकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग में विभागीय मंत्री धनसिंह रावत पर तमाम घोटालों को उद्धृत करते हुए इन घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी, जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में न्याय सभी के लिए बराबर होना चाहिए सार्वजनिक एवं राजनैतिक जीवन में यह आवश्यक है कि लगाये गये आरोपों पर दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पत्र के माध्यम से स्वयं पर लगे आरोपो सहित सभी मामलों की जांच की मांग करेंगे। गणेश गोदियाल ने अपने कार्यकाल मे मंन्दिर समिति के माध्यम से कराये गये कार्यों का भी क्रमवार उल्लेख किया और यह भी कहा कि यदि वे जांच में दोषी पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सभी आरोपों का खंडन भी किया।
मंत्री पर लगे आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि वर्ष 2012 से वर्ष 2017 के मध्य मन्दिर समिति पर अनियमितता के आरोप निन्दनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस सारे षडयंत्र के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ है उसपर भ्रष्टाचार के अनेकों अनेक आरोप लगे हैं यह जग जाहिर है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गणेश गोदियाल पर राजनैतिक द्वेष की भावना से लगाये गये आरोप भाजपा नेताओं की तुच्छ मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने भाजपा को जनादेश जन कल्याण की योजनाओं को आगे बढाने के लिए दिया था लेकिन भाजपा इस जनादेश का अपमान कर रही है और राज्य में आरोप-प्रत्यारोप की तुच्छ राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा राजनैतिक विद्वेष की मनोवृत्ति से सत्ता का दुरूपयोग कर विपक्षी दल के नेताओं पर झूठे आरोप लगाने का काम कर रही है जिसका कांग्रेस पार्टी और पार्टी का कार्यकर्ता डटकर मुकाबला करेगा। उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल पर लगाये गये आरोपों के साथ-साथ उनके द्वारा मंत्री पर लगाये गये आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ये है पूरा प्रकरण

बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वर्ष 2012 से 2017 के बीच की वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु से की गई हैं। वर्तमान में बीकेटीसी के सदस्य आशुतोष डिमरी की ओर से समिति के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर लगाए गए आरोपों पर कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मुख्य सचिव को जांच कराने के आदेश दिए हैं। मंदिर समिति के सदस्य आशुतोष डिमरी ने 2012 से 2017 तक बीकेटीसी के अध्यक्ष रहे गणेश गोदियाल के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। डिमरी ने चमोली जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.धन सिंह रावत को शिकायत पत्र देकर जांच कराने की मांग की थी। बीकेटीसी सदस्य की शिकायत के आधार पर प्रभारी मंत्री के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच कराने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष ने मंदिर अधिनियम 1939 का खुलेआम उल्लंघन करते हुए भगवान के खजाने से करोड़ों लुटा दिए। वर्ष 2015 में मंदिर समिति के पैसों से जनपद टिहरी में एक सड़क बना दी गई। वहीं 2015 में पोखरी में स्थित एक शिवालय का पुनर्निर्माण कराया गया। इतना ही नहीं आरोप है कि
तत्कालीन अध्यक्ष के कार्यकाल में बिना अनुमति के कई भर्तियां भी कराई गई हैं। बदरीनाथ जी के प्रसाद के लड्डू में भी बड़ा गोलमाल किया गया है। चौलाई के बद्रीश लड्डू का कार्य बिना निविदा के दिया गया है। बीकेटीसी सदस्य डिमरी की शिकायत पर प्रभारी मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने मुख्य सचिव को पत्र भेज कर जांच कराने के आदेश दिए हैं।

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