UCC के विरोध में कांग्रेस का 20 फरवरी को विधानसभा कूच,प्रदेश अध्यक्ष माहरा ने बताया किस बात को लेकर है आपत्ति
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू हो चुका है। लेकिन इसको लेकर विपक्ष का अब भी विरोध जारी है। यूसीसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी 20 तारीख को बड़े स्तर पर विधानसभा कूच करेगी। साथ ही कांग्रेस यूसीसी को लेकर जनमत संग्रह भी कराने जा रही है।
कांग्रेस का लिव इन रिलेशनसिप को लेकर भारी विरोध है। आज से शुरू हुए बजट सत्र में भी कांग्रेस इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाने जा रही है। कांग्रेस यूसीसी के मुद्दे को सदन से सड़क तक उठाने जा रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि समान नागरिक संहिता तभी हो सकती है जब पूरे देश के लोग इसमें सम्मिलित हों। यूसीसी के भाग तीन के 378 से 389 धारा पर सहवासी संबंध को अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति किसी को भी बिना शादी के सहवासी संबंध बनाने की अनुमति नहीं देती। भाग तीन की धाराओं के तहत पॉलीगैमी की छूट देने की तैयारी कर रहे है।
एक तरफ प्रदेश मूल निवास की बात हो रही है दूसरी तरफ अगर कोई व्यक्ति 1 साल उत्तराखंड में रहता है तो क्या उसे राज्य का स्थाई निवासी मानना सही है। वहीं बाहरी व्यक्ति को यहां के व्यक्ति के साथ लिव इन छूट दी जाएगी। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अब आम जनता से यूसीसी को लेकर चर्चा करना चाहती है। करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस ने आज एक फॉर्म जारी किया है जिसके जरिए जनता यूसीसी को लेकर अपनी सहमति या असहमति जताएंगे।
कांग्रेस के ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ता इस फॉर्म को जनता तक ले जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा लागू यूनिफॉर्म सिविल कोड (यू.सी.सी.) में लिव-इन-रिलेशन के लिए किये गये प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए इसे उत्तराखण्ड राज्य की गरिमा तथा संस्कृति के खिलाफ बताया। करन माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी यूसीसी के लिव-इन-रिलेशन प्रावधान का पुरजोर विरोध करती है तथा इसके खिलाफ दिनांक 20 फरवरी को विधानसभा का घेराव करते हुए सरकार को चेताने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ राज्यव्यापी आन्दोलन के माध्यम से आम जनता की राय एकत्र करेगी। उन्होंने यह भी जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एक फार्म का प्रारूप तैयार कर इस प्रावधानों पर जनता को जागरूक करते हुए उनकी राय मांगी जायेगी तथा उसे ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा जायेगा। कांग्रेस पार्टी ने इसके लिए दो माह का समय निर्धारित किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि आम जनता इस प्रावधान पर ऑनलाइन के माध्यम से अपनी राय साझा कर सकती है जिसके लिए एक लिंक भी जारी किया गया है। करन माहरा ने कहा कि यूसीसी के माध्यम से बाहरी लोगों को एक साल के रहवास पर उत्तराखण्ड राज्य का निवासी बनाने का षड्यंत्र है तथा समाज में व्यभिचार फैलाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि मैंने पूर्व में भी अनुच्छेद 44 पर सवाल उठाये थे भाजपा के किसी भी प्रवक्ता ने न तो अनुच्छेद 44 तथा लिव इन रिलेशनशिप विशेषकर भाग तीन पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। यूसीसी जो पार्टी अपने को धर्म का रक्षक होने का दाव करती है उस भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करती है। इसमें जिस प्रकार की धारायें हैं कांग्रेस पार्टी उसका विरोध करती है तथा महिला कांग्रेस सहित पार्टी के मुख्य संगठन सहित सभी अनुषांगिक संगठन, विभाग, प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता 20 फरवरी को विरोध स्वरूप विधानसभा घेराव करेंगे।












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