उत्तराखंड में मोदी फैक्टर को काउंटर करने के लिए कांग्रेस ने बनाई ये खास रणनीति, जानिए क्या
राहुल और प्रियंका की रैलियों के जरिए कर रही काउंटर
देहरादून, 8 फरवरी। उत्तराखंड में चुनाव के दौरान भाजपा पूरी तरह से मोदी फैक्टर पर निर्भर नजर आ रही है। ऐसे में अब कांग्रेस ने अपनी आखिरी दांव के रुप में राहुल और प्रियंका की रैलियों के जरिए काउंटर करना शुरू कर दिया है। इसके लिए राहुल और प्रियंका के फिर से उत्तराखंड में दौरे तय कर दिए गए हैं। कांग्रेस के लिए ये चुनाव करो या मरो की स्थिति में है, ऐसे में इस चुनाव में मोदी फैक्टर को कम कर कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए भी सेमीफाइनल की तरह उत्तराखंड पर फोकस कर रही है। जो कि ये तय कर देगा कि मोदी फैक्टर के सामने राहुल-प्रियंका की जोड़ी में कितना दम है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की रैलियां
प्रदेश में सत्ता पाने के लिए भाजपा, कांग्रेस ने पूरा जोर लगा दिया है। इसके लिए स्टार प्रचारकों के अलावा हर तरह से जनता के वोट को हासिल करने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश के मुद्दे कुछ भी हो लेकिन सियासी दल अपने-अपने बड़े चेहरों को मैदान में लाकर अपना पक्ष मजबूत करने में जुटे है। भाजपा जहां मोदी फैक्टर पर फोकस कर रही तो कांग्रेस ने अब पूरी तरह से गांधी परिवार के जरिए समीकरण साधने की कोशिश शुरू कर दी है। चुनावी सर्वे में पिछड़ते देख कांग्रेस को अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का ही सहारा नजर आ रहा है। भाजपा के कार्यक्रम और तैयारियों के आधार पर ही कांग्रेस अपने चुनावी कार्यक्रम तैयार कर रही है।

राहुल 10 और प्रियंका 12 फरवरी को उत्तराखंड में
भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दस फरवरी को अल्मोड़ा आ सकते हैं। 10 फरवरी को अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इधर कांग्रेस अपने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 10 फरवरी को तीसरी बार उत्तराखंड लाने में जुट गए हैं। इसके साथ ही महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 12 फरवरी को उत्तराखंड पहुंचेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी 10 फरवरी को श्रीनगर और अल्मोड़ा में रैली को संबोधित करेंगे। जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा 12 फरवरी को ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में रैली को संबोधित करेंगी।

लोकसभा का सेमीफाइनल भी है ये चुनाव
कांग्रेस के दूसरे स्टार प्रचारक भी उत्तराखंड में प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, लेकिन ज्यादा फोकस राहुल और प्रियंका पर ही है। ऐसे में कांग्रेस ने अंतिम समय में राहुल प्रियंका की ज्यादा से ज्यादा रैलियां उत्तराखंड में रखी हैं। इससे पहले राहुल 2 बार और प्रियंका एक बार उत्तराखंड आ चुके हैं। राहुल देहरादून और हरिद्वार में रैली को संबोधित कर चुके हैं जबकि प्रियंका देहरादून में घोषणा पत्र लागू करने के साथ ही 3 विधानसभाओं में रैली, पदयात्रा कर चुकी हैं। कांग्रेस इस समय उत्तराखंड में किसी भी सूरत में सत्ता पाने की कोशिश में जुटी है। हाईकमान इसे 2024 लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल भी मान कर चल रही है। ऐसे में मोदी फैक्टर को उत्तराखंड चुनाव में फेल करने के लिए कांग्रेस ने गांधी परिवार के भरोसे अपना वोटबैंक बढ़ाने की कोशिश में जुट गया है। इसके लिए कांग्रेस ने नई रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस पार्टी 2017 में 11 सीटें ही जीतकर आई थी। जबकि भाजपा 57 सीटें के प्रचंड बहुमत से सरकार बना चुका है। अब भाजपा को सत्ता से दूर करने और कांग्रेस की सरकार को लाने के लिए कांग्रेस के पास आखिरी दांव यही माना जा रहा है।












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