ईडी के निशाने पर कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री हरक सिंह और उनके करीबी, जानिए क्यों भेजा गया है समन
उत्तराखंड में कांग्रेस के नेता और पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पाखरो रेंज घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत और उनके करीबियों को ईडी ने समन भेजा है। इसमें रूद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा का नाम भी शामिल हैं। जो कि हरक सिंह के करीबियों में शामिल हैं।

ईडी ने हरक सिंह रावत को आज 29 फरवरी को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया है। सूत्रों का दावा है कि हरक सिंह आज नहीं जाएंगे। इसके अलावा अन्य को अलग-अलग तिथियों में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। ईडी के छापे में कई जगहों से एक करोड़ रुपये से अधिक का कैश और लाखों रुपये से अधिक के जेवर बरामद हुए थे।
ईडी ने पिछले दिनों हरक सिंह रावत, आईएफएस अफसर सुशांत पटनायक आदि के यहां छापे मारे थे। इस दौरान पटनायक के घर पर नोट गिनने के लिए मशीन भी पहुंची थी। इस बीच आईएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक से बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की।
उन्हें ईडी कार्यालय में तलब किया गया था। अधिकारियों ने उनसे उनके घर से मिले कैश और डॉलर के संबंध में पूछताछ की। इसके अलावा पूर्व डीएफओ किशनचंद व अन्य अफसरों के घर भी कैश व गहने ईडी ने जब्त किए थे।
सूत्रों का दावा है कि इसी दौरान ईडी को रूद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा के लॉकर से लाखों की ज्वैलरी और कुछ कागजात बरामद हुए। जिसको लेकर पूछताछ की जा रही है।
अब तक जो जांच पड़ताल में सामने आया है, उसके अनुसार कार्बेट पार्क के कालागढ़ डिवीजन के पाखरों रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर 215 करोड़ के आसपास पैसा सही जगह नहीं लगा। इसमें मोटे कमीशन लेने का आरोप लगा है। जो कि विजिलेंस की जांच में बात सामने आई है।
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरों रेंज के 106 हेक्टेयर वन क्षेत्र में टाइगर सफारी बननी थी। 2019 में इसका निर्माण कार्य बिना वित्तीय स्वीकृत्ति के शुरू कर दिया गया। पेड़ काटने व अवैध निर्माण की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था। जिसमें अनियमितताएं सामने आई। इसके बाद मामला खुलता गया।












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