कांग्रेस से क्यों जुदा-जुदा नजर आ रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम, सनातन विवाद और महिला आरक्षण पर कही ये बड़ी बातें
कांग्रेस नेता और गांधी परिवार के काफी करीबी माने जाने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णम हमेशा अपने बयानों से सियासी पारा चढ़ा देते हैं। सनातन विवाद पर इंडिया गठबंधन के दलों पर अंगुली उठाने के बाद अब आचार्य ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी राय दी है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने महिला आरक्षण को लेकर उठ रही ओबीसी आरक्षण की मांग पर कहा है कि महिलाओं को विभाजित नहीं किया जा सकता है। महिलाएं किसी भी जाति, किसी भी धर्म की हों। हम सबको एक समान मानते हैं। सब एक समान हैं।
महिला आरक्षण बिल के दोनों सदनों से पास होने के बाद भाजपा, कांग्रेस या विपक्षी दल सभी अपने अपने तरीके से इसका सियासी लाभ लेने के लिए गुणा भाग में जुटे हैं। कांग्रेस महिला आरक्षण बिल में ओबीसी के लिए अलग से कोटा देने की मांग कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इसको लेकर सदन से लेकर बाहर भी इसका समर्थन कर रहे हैं।
लेकिन कांग्रेस नेता और गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णम की इस मामले में अलग राय है। आचार्य ने सभी महिलाओं को एक समान मानने की बात की है। साथ ही महिलाओं को अलग विभाजित न करने की राय दी है। प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि सरकार किसी की भी, दोनों सदनों ने जो बिल पास कर ऐतिहासिक काम किया है, उससे देश की राजनीति बदल जाएगी।
आचार्य के इस बयान से एक बार फिर सियासत गरमा गई है। आचार्य के इस बयान को कांग्रेस पार्टी लाइन से अलग माना जा रहा है। ये पहली बार नहीं है जब वे कांग्रेस की लाइन से हटकर अपनी राय या बयान दे रहे हैं। इससे पहले वे सनातन के खिलाफ बोलने वालों पर जमकर प्रहार कर चुके हैं। साथ ही इंडिया गठबंधन से बड़ी मांग कर चुके हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ऐसे लोगों को रावण के वंशज बताया है।
कहा है कि सनातन के खिलाफ बोलना धर्मनिरपेक्षता नहीं है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने डीएमके और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर भी जमकर हमले बोले हैं। ये बयान ऐसे समय पर आया है जब पूरा विपक्ष इंडिया गठबंधन के जरिए एकजुट होने में लगे हैं।
उन्होंने इसको लेकर मांग की है कि सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वाले रानीतिक नेताओं और राजनीतिक दलों को गठबंधन से बाहर कर देना चाहिए। आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है कि जो सनातन के खिलाफ है, वो भारत के भी खिलाफ है, क्योंकि सनातन के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है।
कहा, जो सनातन का नहीं है, वह भारत का भी नहीं है। आचार्य के इन बयानों से ये माना जा सकता है कि वे कांग्रेस के कुछ मुद्दों पर अपनी राय अलग लेकर चल रहे हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव से पहले आचार्य के इन बयानों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आचार्य के इन बयानों से भाजपा से नजदीकियों से भी जोड़ा जा रहा है।












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