नगर निकाय चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में रार,टिकट बेचने के साथ ही लग रहे ये गंभीर आरोप
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में रार शुरू हो गई है। देहरादून में निकाय चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान में भोज का आयोजन किया गया था। लेकिन यहां कार्यालय अखाड़े में बदल गया।
सोशल मीडिया में भी इस बैठक को लेकर कई तरह की चर्चा हो रही है। बैठक में जमकर हंगामा होने और टिकट बेचने तक के आरोप लगे। हालांकि संगठन ने इससे इनकार कर दिया है। इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा भी मौजूद रहे।

बैठक के बीच कांग्रेस मेयर पद के प्रत्याशी के समर्थकों और पार्षद प्रत्याशियों ने एक बार फिर पार्टी के पदाधिकारियों पर टिकट बेचने के आरोप भी लगाए। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने आरोप लगाने वाले कार्यकर्ताओं को साफ कहा कि यदि वो उन्हें टिकट बेचने से जुड़ा कोई प्रमाण देते है तो वो उसके खिलाफ जरूर कार्रवाई करेंगे। अन्यथा बेवजह के आरोप न लगाए जाएं।
इस मामले में देहरादून महानगर कांग्रेस अध्यक्ष जसविंदर गोगी ने कहा कि ये बैठक सिर्फ पार्षद प्रत्याशियों की थी। बाहरी लोगों के आने से थोड़ा माहौल खराब हुआ, जो कि बाद में शांत हो गया। गोगी ने कहा कि हर चुनाव में इस तरह के आरोप लगते रहते हैं, ये सब निराधार हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में कोई एक व्यक्ति टिकट नहीं देता है। प्रदेश नेतृत्व में माध्यम से ही टिकट दिया जाता है।
उधर कांग्रेस के कई दिग्गज भी संगठन से नाराज बताए जा रहे हैं। कांग्रेस की देहरादून में रिकॉर्ड एक लाख से भी ज्यादा वोटों से हार हुई है। जिस वजह से पार्टी में संग्राम छिड़ा हुआ है। कांग्रेस के सीनियर नेता भी इस हार को करारी हार मानकर समीक्षा की बात कर रहे हैं। चुनाव के दौरान जिस तरह से टिकट बेचने के आरोप लगाकर कई पार्षद प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया में पोस्ट और वीडियो वायरल किए, उससे भी पार्टी की छवि खराब हुई। जिसका नतीजा है कि अब तक ये आरोप और रार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।












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