धामी सरकार के दायित्वधारी कर्नल अजय कोठियाल ने पेश की मिसाल, उत्तराखंड में बना इतिहास, जानिए क्यों चर्चा में
Colonel Ajay Kothiyal news: भाजपा नेता कर्नल अजय कोठियाल धामी सरकार में दायित्वधारी हैं। जो कि उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कर्नल अजय कोठियाल ने एक बड़ी पहल करते हुए दायित्वधारी के तौर पर मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं न लेने का निर्णय लिया है।
उन्होंने राशि को पूर्व सैनिकों के कल्याण में खर्च करने का सुझाव दिया है। इसे लेकर कर्नल कोठियाल द्वारा सैनिक कल्याण निदेशालय को भेजा एक पत्र सोशल मीडिया में वॉयरल हो रहा है। बताया गया कि कर्नल अजय कोठियाल पर बतौर दायित्वधारी करीब 25.5 लाख रुपए सालाना खर्च होने थे।

आज कर्नल अजय कोठियाल ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से इसकी जानकारी सार्वजनिक करते हुए लिखा कि मैने 06 जुलाई को उत्तराखंड सरकार को एक पत्र लिखा था जिसमें मैने कहा था कि सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के तौर पर मिलने वाली करीब 25.5 लाख रुपए सालाना की सुविधाओं का फायदा मै नहीं लूंगा और इस पैसे को सैनिकों के वेलफेयर के लिए इस्तेमाल करा जाए। वैसे तो मैं इस बात को गोपनीय रखना चाहता था लेकिन क्योंकि यह जानकारी किसी के द्वारा सार्वजनिक कर दी गई है।
इस पत्र में कर्नल कोठियाल ने परिषद के कार्यों और पूर्व सैनिको की समस्याओं के त्वरित निदान को एक निदेशालय परिसर में ही एक दफ्तर स्थापित करने का भी सुझाव दिया है, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके। दावा किया जा रहा है कि दायित्वधारी के रूप में मिलने वाली सरकारी सुविधाओं को छोड़ने वाले कर्नल कोठियाल राज्य गठन के बाद से अब तक इकलौते राजनेता हैं।
बता दें कि आम आदमी पार्टी से राजनीतिक करियर की शुरूआत करने वाले कर्नल अजय कोठियाल अब भाजपा संगठन में काम कर रहे हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न परिषदों, समितियों में दर्जन भर से ज्यादा दायित्वधारियों की नियुक्ति की थी। इसी लिस्ट में कर्नल अजय कोठियाल कोपूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा था। जिस पर सालाना लाखों रुपए खर्च होते हैं। कर्नल अजय कोठियाल का कहना है कि सेना से उन्हें इतना वेतन मिलता है कि वह अपना खर्चा चला सकें। उन्होंने निदेशालय से आग्रह किया कि उक्त बजट को पूर्व सैनिकों के कल्याण को संचालित योजनाओं में खर्च किया जाए।
दायित्वधारियों की सुख-सुविधाओं में खर्च
- मानदेय - 45,000
- वाहन के लिए- 80,000
- यात्रा भत्ता हेतु - 40,000
- आवास कम कार्यालय के लिए - 25,000
- टेलीफोन/ मोबाइल के लिए - 2,000
- कार्मिकों के मानदेय के लिए - 27,000
- कुल योग - 2,19,000 प्रतिमाह
- कुल योग सालाना - 26,28,000 रूपये












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