उत्तराखंड दौरे पर गुरु को याद कर भावुक हुए सीएम योगी, अब मां से मिलने का इंतजार
उत्तराखंड के 3 दिवसीय दौरे पर योगी, पैतृक गांव पहुंचे
देहरादून, 3 मई। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार से तीन दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंच गए हैं। दोपहर बाद योगी आदित्यनाथ देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंचे। एयरपोर्ट से हेलीकाप्टर से वह पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत बिथ्याणी के लिए रवाना हुए। पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत बिथ्याणी में उन्होंने अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर योगी अपने गुरू को याद करते हुए भावुक हो गए। कि उनके हाथ से ही ये काम हो रहा है। योगी ने बताया कि आज वे अपने 6 पुराने गुरूओं से भी मुलाकात कर पाएं हैं और सम्मानित कर पाए हैं।

योगी ने कहा- भाजपा सरकार की वजह से संभव हो पाया
उत्तरप्रदेश के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पहुंच रहे हैं। मंगलवार को यमकेश्वर ब्लाक के अंतर्गत बिथ्याणी में उन्होंने गुरु गोरखनाथ डिग्री कॉलेज में अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान योगी ने लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि गुरु महंत अवेद्यनाथ की प्रेरणा से ही 1997-98 में कॉलेज की स्थापना की थी। उन्होनें बताया कि उनके गुरू को हमेशा इस क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था की चिंता रहती थी। योगी ने बताया कि 2005 के बाद डिग्री कॉलेज में पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हुई और अगले सत्र से यहां साइंस की क्लास भी शुरू होगी। योगी ने बताया कि गुरु महंत अवेद्यनाथ को वे यहां अंतिम समय में लाना चाहते थे, लेकिन उनका स्वास्थ्य सही न होने की वजह से वे यहां नहीं आ सके। लेकिन आज वे यहां स्थापित किए गए हैं। जो कि भाजपा की सरकार आने की वजह से संभव हो पाया है। योगी ने इस दौरान उत्तराखंड में पलायन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। जिन्हें हमें आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।
5 मई को हरिद्वार में है भव्य कार्यक्रम
योगी ने बताया कि वे आज गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट में शामिल होना चाहते थे, लेकिन अक्षय तृतीया, भगवान परशुराम और ईद त्यौहार की वजह से 1 बजे तक खुद लखनऊ में मौजूद रहे। ताकि त्यौहार शांति से निपट जाए। इस दौरान योगी ने उत्तरप्रदेश की कानून व्यवस्था का भी जिक्र किया। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत भी आदि उपस्थित रहे। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव पंचूर भी जा सकते हैं। योगी कई सालों के बाद अपनी मां और परिजनों से मुलाकात करेंगे। पांच मई को वह हरिद्वार में परिसंपत्तियों के बंटवारे में उत्तराखंड के हिस्से में आए अलकनंदा होटल को राज्य को समर्पित करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के होटल का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे।
जानिए महंत अवैद्यनाथ के बारे में सबकुछ
महंत अवैद्यनाथ गोरखनाथ मन्दिर के भूतपूर्व पीठाधीश्वर थे। वे गोरखपुर लोकसभा से चौथी लोकसभा, नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं लोकसभा के लिये भी निर्वाचित हुए। महंत अवैद्यनाथ का जन्म 28 मई 1921 को ग्राम काण्डी, जिला पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में हुआ था। पहले उनका नाम कृपाल सिंह बिष्ट था और बाद में अवैद्यनाथ बनकर भारत के राजनेता और गुरु गोरखनाथ मन्दिर के पीठाधीश्वर थे के रूप में प्रसिद्द हुए। महंत अवैद्यनाथ ने 1962, 1967, 1974 व 1977 में उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानीराम सीट का प्रतिनिधित्व किया और 1970, 1989, 1991 और 1996 में गोरखपुर से लोकसभा सदस्य रहे। महंत अवेद्यनाथ ने उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को गोरक्षपीठ का न सिर्फ उत्तराधिकारी बनाया बल्कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ को 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव प्रदान किया। महंथ अवेद्यनाथ का निधन 12 सितम्बर 2014 को हो गया।












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