अचानक जोशीमठ पहुंचे सीएम धामी, प्रभावितों को दिलाया ये भरोसा, नड्डा ने सीएम और प्रदेश अध्यक्ष से मांगी रिपोर्ट
सीएम पुष्कर सिंह धामी अचानक जोशीमठ पहुंचकर प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। सीएम ने भरोसा दिलाया कि जो समिति सरकार की और से बनाई गई है, उसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाएगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर जोशीमठ पहुंच गए हैं। आज रात में सीएम धामी जोशीमठ में रुके हैं। इस बीच सीएम धामी ने जोशीमठ के भू धंसाव से प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और वर्तमान हालात की समीक्षा की है। सीएम ने जोशीमठ पहुंचकर किसी भी तरह की पैनिक सिचुएशन न फैलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की बीते दो-तीन दिनों में परिस्थितियों में बदलाव हुआ है, वह अच्छे संकेत है। उन्होंने इस बात की उम्मीद जताई कि जल्द ही जोशीमठ की समस्या का समाधान निकल जाएगा। जिस पर राज्य ही नहीं केन्द्र सरकार भी पूरी तरह से जोशीमठ के प्रभावितों के साथ खड़ी है।
सरकार ने फौरी राहत देने की घोषणा की
जोशीमठ में भू धंसाव की समस्या के विकराल होने और जनाक्रोश को देखते हुए सीएम धामी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को खुद ही जोशीमठ जाने का फैसला लिया। इस बीच खतरनाक हो चुके भवनों को ध्वस्तीकरण के काम पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। मंगलवार से ही स्थानीय लोग ध्वस्त किए जा रहे होटल के आगे धरने पर बैठ कर एनटीपीसी और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। आंदोलन कर रहे लोगों की मांग थी कि पहले मुआवजा तय हो। उसके बाद ही कार्रवाई करने दी जाएगी। बुधवार सुबह तक मामला शांत नहीं हुआ तो सरकार ने फौरी राहत देने की घोषणा की। सरकार की तरफ से जोशीमठ आपदा को लेकर सचिव मुख्यमंत्री आर. मीनाक्षी सुंदरम ने प्रेस वार्ता कर बताया कि प्रभावित परिवारों को तात्कालिक तौर पर 1.50 लाख रु. की धनराशि अंतरिम सहायता के रूप में दी जा रही है। जिसमें से 50 हजार रु. घर शिफ्ट करने तथा 1 लाख रु. आपदा राहत मद से एडवांस दिया गया है।
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अभी किसी का भी भवन नहीं तोड़ा जा रहा
उन्होंने बताया कि जोशीमठ में अभी तक भू-धंसाव के कारण दो होटल जिनसे आस-पास के भवनों के लिए भी खतरा उत्पन्न हुआ है, उनको डिस्मेंटल करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा अभी किसी का भी भवन नहीं तोड़ा जा रहा है। भू-धंसाव से प्रभावित भवनों का सर्वे किया जा रहा है। सचिव ने यह भी बताया कि जो लोग किराए के घर पर जाना चाहते हैं, उनको सरकार द्वारा 6 माह तक 4000 हजार रुपए प्रति माह किराया दिया जा रहा है। भू-धंसाव के कारण 723 भवनों को चिन्हित किया गया है और सुरक्षा के दृष्टिगत आज तक 131 परिवारों के 462 लोगों को अस्थाई राहत शिविरों में विस्थापित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। भू-धंसाव से जो भी प्रभावित हुए हैं, उन्हें बाज़ार दर पर मुआवजा दिया जाएगा। सचिव की इस घोषणा से भी जब प्रभावितों का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो सीएम धामी खुद जोशीमठ पहुंच गए। उन्होंने प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। सीएम ने भरोसा दिलाया कि जो समिति सरकार की और से बनाई गई है, उसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जाएगा। सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने फोन पर जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट से फोन पर जोशीमठ आपदा को लेकर विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए । उन्होंने जनहानि न हो, सरकार से ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने व पार्टी कार्यकर्ताओं से भी राहत एवं बचाव कार्यो में अधिक से अधिक सहभागिता करने के भी निर्देश देते हुए सभी से मानवतावादी व्यवहार की अपील की है। पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने फोन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जोशीमठ में भूधसांव से उत्पन्न हुई आपदा को लेकर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों के लिए राहत एवं मदद पहुंचाने को प्राथमिकता में रखने के निर्देश देते हुए केंद्र से हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार की विशेषज्ञ टीम की रिपोर्ट आने के बाद जिस तरह के भी ट्रीटमेंट की जरूरत होगी उसका स्थायी समाधान की दृष्टि से क्रियान्वयन किया जाए । उन्होंने कहा, पीएम मोदी समेत समूचा देश जोशीमठ के लोगों के साथ इस आपदा की घडी में खड़ा है।
संगठन की एक उच्च स्तरीय कमेटी स्थलीय निरीक्षण कर लगातार निगरानी कर रही
नड्डा ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से भी बात कर, प्रभावितों के साथ मानवतावादी व्यवहार के साथ सभी सरकारी व गैरसरकारी मदद का बेहतर समन्वय बनाने को कहा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को इस चुनौती को स्वीकार करते हुए राहत कार्यों में प्राण प्रण से जुट जाने के निर्देश दिए। प्रदेश अध्यक्ष भट्ट द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को जानकारी दी गयी कि संगठन की एक उच्च स्तरीय कमेटी स्थलीय निरीक्षण कर लगातार निगरानी कर रही है । उनके द्वारा ग्राउंड ज़ीरो पर आपदा कंट्रोल रूम बनाने एवं वार्ड स्तर पर भूधसांव की निगरानी व राहत कार्यों के संचालन के लिए 3-3 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की टीम जोशीमठ में तैनात है । साथ ही प्रदेश भर से पीड़ितों की मदद के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा राहत सामग्री भी जोशीमठ में पहुँचाने का का काम किया जारहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौन उपवास किया
उधर जोशीमठ प्रकरण को लेकर देहरादून में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस देहरादून में विरोध जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मौन उपवास किया। गांधी पार्क में समर्थकों के साथ धरने पर बैठे पूर्व सीएम ने कहा कि जोशीमठ में तोड़े जा रहे भवनों का वन टाइम सेटेलमेंट हो। बिना किसी पुनर्वास नीति के ध्वस्तीकरण अन्यायपूर्ण है। कांग्रेस की सियासत पर भाजपा ने भू धंसाव ग्रस्त जोशीमठ को कांग्रेस के लिए आपदा पर्यटन बताते हुए कहा कि बेहतर होता कि वह आरोप लगाने से पहले जवाबदेही स्वीकार कर लेती। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि इस समय प्रभावित क्षेत्र मे पहली प्राथमिकता लोगो को सुरक्षित स्थल मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रभावितों को बाजार दर पर मुआवजा तथा किसी भी भवन को न तोड़ने का अश्वासन लोगों को दे चुके है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जोशीमठ को सैर सपाटे की जगह मान रही है और उसे पीड़ितों के दुख से कोई लेना देना नही है। कांग्रेस पीड़ितों के हितो को लेकर संघर्ष का दिखावा भी कर रही है, लेकिन उसके मूल मे राजनीति ही है। एक और कांग्रेसी पीड़ितों की समस्या को लेकर सीएम से भेंट कर रहे है तो सुबह उपवास पर बैठ रहे है। मुआवजे की समस्या के समाधान के बाद अब वह नये जोशीमठ का राग अलाप रहे है।












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