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100 दिन के एजेंडे को पूरा करने के लिए खुद फ्रंटफुट पर बैटिंग करेंगे सीएम धामी, जानिए क्या है मसला

धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल का 100 दिन का एजेंडा तय

देहरादून, 7 अप्रैल। धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल का 100 दिन का एजेंडा तय कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह​ धामी ने अपने सरकार के विजन और महत्वपूर्ण योजनाओं पर फोकस करना शुरू कर दिया है। इसके लिए सीएम धामी ने खुद मॉनिटरिंग करने की प्लानिंग की है। इसके पीछे सीएम का 6 माह में उपचुनाव लड़ना और लोकसभा चुनाव में बेहतर परिणाम देना माना जा रहा है।

CM Dhami himself will bat on the front foot to fulfill the agenda of 100 days, know what is the issue

भाजपा के दृष्टि पत्र पर शुरू हुआ काम
सीएम बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी शुरूआत से ही एक्शन मोड में है। पहली ही कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर अपने किए गए वादे को पूरा करने की घोषणा करना और भाजपा के दृष्टि पत्र को लेकर योजनाओं पर फोकस करने के सीएम धामी के निर्णय के बाद से ही धामी पूरी तरह से अपने काम करने के तरीके में बदलाव ला चुके हैं। महंगाई को लेकर जिस तरह विपक्ष लगातार हमलावर है, उसे देखते हुए भाजपा के अपने दृष्टि पत्र में किए गए 3 सिलेंडर मुफ्त देने के वादे को भी वे लगातार दोहरा रहे हैं। जिस पर जल्द ही सरकार फैसला ले सकती है।

समीक्षा बैठक में दिए सख्त संकेत
पहले कार्यकाल में धामी को 6 माह का समय ही मिल पाया, हालांकि उसमें भी धामी ने कई मुद्दों पर अपने मास्टरस्ट्रोक से विपक्ष को चित्त करने का काम भी किया। लेकिन चुनाव को देखते हुए धामी ने सोच-समझकर कदम रखे। यही कारण रहा कि धामी के चुनाव हारने के बाद भी हाईकमान ने उन पर विश्वास जताते हुए दोबारा कमान सौंप दी। अब सीएम के सामने अपने 100 दिन के ऐजेंडे पर फोकस करना है। किसी भी सरकार के कामकाज की समीक्षा 100 दिन से होने के बाद शुरू हो जाती है। ऐसे में धामी के लिए 100 दिन का एजेंडा खास महत्व रखता है। धामी ने अपने मंत्रिमंडल में अभी 8 मंत्रियों को शामिल किया है। जो कि 100 दिन बाद समीक्षा कर नए चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है। इसके लिए उन्होंने मंत्रियों को भी 100 दिन के एजेंडे पर फोकस करने को कहा है। इसके लिए वे अभी से विभागों की समीक्षा बैठक लेने में जुटे हैं। सीएम धामी ने अपनी समीक्षा बैठकों के जरिए अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दे डाली कि काम करना होगा। इसके लिए किसी तरह की हीलाहवाली नहीं चलेगा। साथ ही भाजपा के दृष्टि पत्र में किए गए वादों को एक-एक कर धरातल पर उतारना होगा। इसके लिए सरकार 100 दिन के एजेंडे पर काम कर रही है।

धामी के सामने कई चुनौतियां

जब सरकार के 100 दिन पूरे होंगे तो धामी को उपचुनाव ​के लिए भी तैयार रहना होगा। ऐसे में वे किसी भी तरह की ढ़ील काम में नहीं देना चाहेंगे। इसके लिए सीएम धामी सभी विभागों को अपने स्तर से भी मॉनिटरिंग करेंगे। सीएम धामी के लिए पहली परीक्षा पहला बजट सत्र होगा। जो कि जून या जुलाई में गैरसेंण में आयोजित होगा। इसके लिए धामी अभी से तैयारियों में जुटे हैं। उनके सामने कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनके जरिए वे जनता के दिल में अपने लिए जगह बना सकते हैं। गैरसेंण का अवस्थापना विकास, भू कानून, पलायन, पुलिस ग्रेड पे,पुरानी पेंशन बहाली आदि कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनके जरिए धामी अपनी सोच के जरिए हाईकमान के आगे भी खुद को प्रुफ करना है। पीएम नरेंद्र मोदी ने 2025 में शताब्दी वर्ष मनाने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए भी धामी अभी से योजनाओं पर फोकस करने में जुट गए हैं।

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