जीरो टॉलरेंस पर धामी सरकार का कड़ा प्रहार, इन भ्रष्ट अफसरों को किया सस्पेंड
भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई, 2 सस्पेंड
उत्तराखंड में धामी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति को आगे बढ़ाते हुए सख्त कदम उठाए हैं। भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों पर सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद कार्रवाई की गई है। सरकार ने दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। पहली कार्रवाई संयुक्त सचिव पर हुई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव एवं वर्तमान में संयुक्त सचिव लेखा मनोहर सिंह कन्याल को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कन्याल को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। उधर रिश्वत के आरोप में फंसे राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को भी बर्खास्त कर दिया गया है। आयुक्त राज्य कर डॉ अहमद इकबाल ने इसके आदेश जारी किए हैं।

धामी सरकार के आने के बाद से भ्रष्टाचार को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे
उत्तराखंड में धामी सरकार के आने के बाद से भ्रष्टाचार को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। एक तरफ जहां अधिकारियों पर लगे आरोपों के बाद कार्रवाई तय की जा रही है, वहीं सरकार ऐसे अधिकारियों को जेल के सलाखों के पीछे पहुंचाने में किसी तरह की हिचक नहीं दिखा रही है। चाहे कोई अधिकारी कितना भी सत्ता के करीबी क्यों न रहा हो। यूकेएसएसएससी पेपरलीक प्रकरण हो या वीपीडीओ भर्ती परीक्षा की धांधली हो। सरकार ने बड़े से बड़े अधिकारी और सत्ता के करीबी लोगों को सजा दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। ऐसे में अब सरकार ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को कार्य मुक्त भी कर रही है।
वर्तमान में संयुक्त सचिव लेखा मनोहर सिंह कन्याल को शासन ने सस्पेंड कर दिया
पहली कार्रवाई संयुक्त सचिव पर हुई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव एवं वर्तमान में संयुक्त सचिव लेखा मनोहर सिंह कन्याल को शासन ने सस्पेंड कर दिया है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 2016 में हुई वीपीडीओ भर्ती के दौरान एमएस कन्याल आयोग में सचिव थे। इस भर्ती में ओएमआर शीट से छेड़छाड़ हुई थी, जिसके पुख्ता प्रमाण भी सामने आए थे। 2018 में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसके बाद हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को एसटीएफ के हवाले कर दिया था। भर्ती घोटाले में पूछताछ के बाद शनिवार को एसटीएफ ने कन्याल को गिरफ्तार कर लिया था।अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कन्याल को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। कन्याल वर्तमान में सचिवालय में संयुक्त सचिव लेखा के पद पर सेवाएं दे रहे थे। आदेश में अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि कन्याल का निलंबन गिरफ्तारी की तिथि से ही मान्य होगा।
रिश्वत के आरोप में फंसे राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को भी बर्खास्त कर दिया
उधर रिश्वत के आरोप में फंसे राज्य कर अधिकारी अनिल कुमार को भी बर्खास्त कर दिया गया है। आयुक्त राज्य कर डॉ अहमद इकबाल ने इसके आदेश जारी किए हैं। वर्ष 2020 में सचल दल इकाई आशारोड़ी देहरादून में तैनात अनिल कुमार ने हिसार से दून आ रहे वाहन से रिश्वत मांगी थी। आरोपी के खाते में रिश्वत की धनराशि 20 हजार रूपए गुगल पे से ट्रांसफर किए गए। जबकि 9500 रूपए ड्राइवर से लिए गए।
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