सीएम धामी का ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 अभियान, देहरादून के पुलिस कप्तान ने संभाली कमान, ये है प्लानिंग
उत्तराखंड में ड्रग्स का चलन धामी सरकार के लिए सबसे बड़ा चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 अभियान का लक्ष्य रखा है। ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025 अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दून के एसएसपी अजय सिंह ने कमान अपने हाथ में लेकर इसके खिलाफ बड़ी रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। कप्तान ने देहरादून के विभिन्न थानों में नशा तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही नशा तस्करो की कुंडली तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कप्तान ने थानों में हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं।

देवभूमि में ड्रग्स पर पूरी तरह से रोक लगाने और नशा तस्करों पर स्ट्राइक करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को सख्त निर्देश हैं। प्रदेश में देहरादून एजुकेशन हब है ऐसे में सबसे ज्यादा टारगेट यहीं के युवा रहते हैं। ऐसे में नए कप्तान अजय सिंह ने कमान संभालते ही सबसे पहले ड्रग्स माफियाओं पर प्रहार किया है। इसके लिए पुलिस प्लानिंग में जुटकर सख्त कदम उठा रही है।
सबसे पहले पुलिस ने ड्रग फ्री देवभूमि 2025 को साकार करने के चौपाल लगाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने एक नई पहल करते हुए इसके तहत प्रत्येक शनिवार को सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस की चौपाल का आयोजन करने का निर्णय लिया। लोगों को अवेयर करने के साथ ही जनपद स्तर पर गठित एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के मोबाइल नम्बर 9410522545 से अवगत कराते हुए नशे की तस्करी में लिप्त लोगों की सूचना देने को कहा गया है।
एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि सभी थाने मादक पदार्थों की तस्करी में गिरफ्तार अभियुक्तों से सम्बन्धित एक रजिस्टर बनायेंगे, जिसमें अभियुक्तों की फोटो के साथ-साथ उनका पूर्ण विवरण अंकित किया जायेगा, ऐसे सभी अभियुक्त जिन पर मादक पदार्थों की तस्करी के एक से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं उन सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जायेगी।
एसएसपी अजय सिंह ने कप्तान बनने के बाद एक और सख्त कदम उठाते हुए फोर्स के लिए पहला सर्कुलर जारी किया है। कप्तान ने सीधे तौर पर कहा है कि फील्ड ड्यूटी के दौरान एडिशनल सब इंस्पेक्टर (एएसआई) सब इंस्पेक्टर और सीनियर सब इंस्पेक्टर से इज्जत से पेश आएं। नहीं तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसके अलावा जो वर्दी एएसआई के लिए निर्धारित है उसी को धारण करें। सब इंस्पेक्टर की तरह नहीं। इस तरह एसएसपी एक तरफ बेहतर पुलिसिंग में जुटे हैं दूसरी तरफ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी अनुशासन और बेहतर काम करने पर फोकस कर रहे हैं।












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