कुर्सी संभालते ही एक्शन में सीएम, वादों को पूरा करने में जुटे, मंत्रियों के लिए 100 दिन का लक्ष्य तय
उत्तराखंड में सरकार संभालते ही मुख्यमंत्री धामी एक्शन में
देहरादून, 31 मार्च। उत्तराखंड में सरकार संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक्शन में हैं। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने के साथ ही वे अपने विजन में फोकस करना शुरू कर चुके हैं। इसके लिए धामी ने सरकार के 100 दिन के विजन पर भी काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले पहली कैबिनेट मीटिंग में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने के अपने वादे को पूरा करने का संकल्प दोहराया है। साथ ही इसे लागू करने के लिए कमेटी बनाने का ऐलान कर दिया।

वृद्धावस्था पेंशन योजना के वादे को पूरा करते हुए शासनादेश जारी
अब मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ देने के वादे को पूरा करते हुए शासनादेश जारी कर दिया है। 1200 रुपये मिलने वाली पेंशन को बढ़ाकर 1400 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। राज्य में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत अब पति और पत्नी दोनों को लाभ मिलेगा।इसके साथ ही वृद्धावस्था, निराश्रित विधवा भरण पोषण अनुदान और दिव्यांग पेंशन की राशि प्रतिमाह 1200 रुपये से बढ़ाकर 1400 रुपये कर दी गई है। वृद्धावस्था पेंशन योजना में पात्र परिवार के वृद्ध दंपती को साल में 14400 के स्थान पर 33600 रुपये की राशि मिल सकेगी। पहले पति-पत्नी में से एक को ही वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। मुख्यमंत्री धामी ने पिछले साल दिसंबर में वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि के साथ ही पात्र परिवार में से पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने की घोषणा की थी। इसके बाद कैबिनेट ने भी इस पर मुहर लगाई। अब फिर से सरकार बनने के बाद इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया गया। अब सबकी नजर यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर है। जिस पर सरकार जल्द ही अपना वादा पूरा कर कमेटी का गठन कर इस पर एक कदम आगे बढ़ाएगी। हालांकि इस पर तकनीकी पेंच भी सामने आ सकती हैं।
मंत्रियों को भी 100 दिन का विजन पर काम करने को कहा
इसके साथ ही मंत्रियों को भी 100 दिन का विजन पर काम करने को कहा गया है। शिक्षा एवं स्वास्थ मंत्री धन सिंह रावत ने भी सबसे पहले 100 दिन का लक्ष्य लेकर काम करने की बात की है। इसके लिए सभी को 100 दिन का लक्ष्य लेकर काम करने को कहा गया है। 5वीं विधानसभा का पहला सत्र पूरा होते ही अब मंत्रियों ने अपना कामकाज संभाल लिया है। ऐसे में सभी अपने विभागों की समीक्षा बैठक कर अपने विजन पर फोकस करने में जुट गए हैं। इसके लिए सभी मंत्रियों ने सबसे पहले अपने 100 दिन का रोडमेप भी तैयार करना शुरू कर दिया है। साथ ही समीक्षा बैठक कर सरकार का रुख भी साफ कर दिया है।
वन मंत्री ने अधिकारियों की लिस्ट तलब की
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने तो साफ शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी भी दे डाली है। वन मंत्री ने विभाग के लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन के साथ बैठक कर ऐसे अधिकारियों की लिस्ट तलब की जो कि विवादित हैं। मंत्री के संकेत से साफ हो गया कि विभाग के जिन अफसरों के खिलाफ जांच चल रही हैं या फिर वो आरोपों और विवादों में घिरे हैं, ऐसे अफसरों पर कार्रवाई तय है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि भ्रष्ट और अन्य मामलों में जिन अधिकारियों की संलिप्तता है वो अपना वीआरएस अवश्य ले लें नहीं तो विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहें।












Click it and Unblock the Notifications