देवस्थानम बोर्ड को लेकर सीएम धामी ने मांगा 2 दिन का समय, तीर्थ पुरोहितों का आक्रोश जारी
मंत्रिमंडलीय उपसमिति हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा निर्णय
देहरादून, 27 नवंबर। उत्तराखंड में धामी सरकार के लिए देवस्थानम बोर्ड का मुद्दा चुनावी साल में सबसे बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। सरकार कई दिनों से देवस्थानम के मुद्दे को लेकर मंथन करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने में जुटे हैं। जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा सरकार के लिए और मुश्किल खड़ी कर सकता है। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिन में हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति को जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके आधार पर सरकार निर्णय लेगी। जिस कारण 30 नवंबर की तारीख अहम मानी जा रही हैा

पुरोहितों ने निकाली आक्रोश रैली
देवस्थानम बोर्ड को लेकर पंडा समाज और राज्य सरकार आमने सामने हैं। चुनावी साल को देखते हुए सरकार देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे को सुलझाने में जुटी है तो पंडा समाज लगातार विरोध प्रदर्शन् कर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। शनिवार को चार धामों के पुरोहितों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकालकर धामी सरकार को चेताया है। पुरोहितों ने देहरादून में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कीा इसके साथ सरकार को जल्द से जल्द देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग की हैा इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दो दिन में मंत्रिमंडलीय उपसमिति को हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करने की बात की है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर धामी सरकार ने भाजपा के सीनियर नेता मनोहर कांत ध्यानी के नेतृत्व में हाई पावर कमेटी का गठन किया था। चार धाम देवस्थानम बोर्ड के लिए गठित हाई पावर कमेटी ने बीते दिनों अपनी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सीएम पुष्कर धामी ने कहा है कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति 2 दिन के भीतर रिपोर्ट का अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि केन्द्र सरकार ने कृषि कानून वापस लिया, इसकी तुलना देवस्थानम बोर्ड से नहीं की जानी चाहिए। राज्य सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर हाई पावर कमेटी का गठन किया है, कमेटी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपी है। सरकार हाई पावर कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद निर्णय लेगी।
30 नवंबर है डेडलाइन
देवस्थानम बोर्ड को लेकर पंडा समाज के भारी विरोध और पुरोहितों के भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलने से राज्य सरकार पर आने वाले दिनों में बड़ा कदम उठाने का दबाव बढ़ता जा रहा है। मीडिया में 30 नवंबर को देवस्थानम बोर्ड को लेकर बड़ा फैसला आने की चर्चा है। इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देहरादून दौरा माना जा रहा है। धामी सरकार पीएम मोदी की रैली से चुनावी फिजा बदलने की कोशिश में है। इसके लिए कोई बड़ा फैसला ही सरकार के पक्ष में जा सकता है। ऐसे में देवस्थानम बोर्ड को भंग करने या बीच-बचाव का रास्ता निकालने से धामी सरकार काफी हद तक डेमेज कंट्रोल कर सकती है। इससे पहले खुद सीएम भी पुरोहितों से 30 नवंबर तक का समय मांगा है। जिसकी डेडलाइन पूरी होने जा रही है। इसी दिन धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में होने की उम्मीद है। जिसमें देवस्थानम पर चर्चा हो सकती है।












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