उत्तराखंड में चारधाम यात्रा खुलने से सरकार को राहत, अब देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहितों की लड़ाई

करीब 2 माह के लिए इस सीजन की चारधाम यात्रा होगी शुरू

देहरादून, 16 सितंबर। हाईकोर्ट ने उत्‍तराखंड में चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटा दी है। अब करीब 2 माह के लिए इस सीजन की चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। सरकार चारधाम यात्रा के लिए एसओपी जारी कर कोविड गाइडलाइन का पालन कराते हुए यात्रा को शुरू करवाने की बात कह रही है। चारधाम यात्रा खुलने से राज्य सरकार और तीर्थ पुरोहितों में नया उत्साह नजर आ रहा है। हालांकि देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे को लेकर अब भी राज्य सरकार के लिए मुश्किलें कम होती हुई नजर नहीं आ रही है। तीर्थ पुरोहितों ने यात्रा शुरू होने के बाद भी देवस्थानम बोर्ड को लेकर लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है।

Relief to the government due to the opening of Chardham Yatra in Uttarakhand, now the battle of the pilgrim priests over the Devasthanam board

थोड़ा राहत, आगे दूसरी मुसीबत
चुनावी साल में उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के सामने तीर्थ पुरोहितों को अपने पक्ष में करने की बड़ी चुनौती है। चारधाम यात्रा से जुड़े तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी और पंडा समाज देवस्थानम बोर्ड को लेकर राज्य सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं। देवस्थानम बोर्ड के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू न होने से भी तीर्थ पुरोहितों में सरकार के खिलाफ नाराजगी थी। जिसको लेकर राज्य सरकार को पहल करते हुए हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी करनी पड़ी। गुरूवार को बीजेपी सरकार के लिए हाईकोर्ट से एक राहत की खबर आई। कोर्ट ने सशर्त चारधाम यात्रा को खोलने की परमिशन दे दी। इसके बाद राज्य की बीजेपी सरकार ने राहत की सांस ली है।

30 अक्टूबर का इंतजार
बीजेपी के लिए गुरूवार का दिन काफी अहम रहा। एक तरफ सीएम पुष्कर सिंह धामी अपना जन्म दिन मना रहे थे, दूसरी तरफ कोर्ट से सरकार को राहत की खबर मिली। सरकार को अब चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों का विश्वास जीतने का मौका मिल गया है। हालांकि तीर्थ पुरोहितों को अब 30 अक्टूबर का भी इंतजार है। राज्य सरकार ने देवस्थानम बोर्ड के लिए पुरोहितों से 30 अक्टूबर तक का समय मांगा है। देवस्थानम बोर्ड के लिए बनाई गई हाईपॉवर कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही बोर्ड को लेकर सरकार अपना निर्णय लेगी। हालांकि पुरोहितों ने सरकार को चेतावनी दी ​है कि अगर बोर्ड को भंग न​हीं किया गया तो 1 नवंबर से देशव्यापी आंदोलन चलेगा। चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने चारधाम यात्रा खुलने को स्थानीय लोगों के दबाव का परिणाम बताया है।

तीर्थ पुरोहितों से सीएम का जताया आभार
गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चार धाम तीर्थ पुरोहितों ने भेंट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और चार धाम यात्रा पुनः शुरू किये जाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की साथ ही उनका आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि

चार धाम यात्रा का उत्तराखंड के लिए सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व है । हर वर्ष देश-विदेश के लाखों लोगों को इस यात्रा की प्रतीक्षा रहती है । सरकार कोविड-19 के सभी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और सुगम चार धाम यात्रा के​ लिए प्रतिबद्ध है। इस यात्रा के प्रारंभ होने से स्थानीय पर्यटन और परिवहन व्यवसायियों सहित पूरे प्रदेश को लाभ होगा।

चारधाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के अध्यक्ष कृष्णकांत कोटियाल ने कहा कि -

धामों के स्थानीय लोगों ने 2 माह से यात्रा खुलवाने को लड़ाई लड़ी है। यही कारण है कि सरकार पर दबाव बना। यात्रा खुलने से जो बेरोजगार हो चुके हैं उनको राहत मिलेगी। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़े लोगों को कुछ नहीं दिया। इस फैसले के लिए हमारी बहिनें और महिलाएं बधाई की पात्र है। अब हमारी लड़ाई देवस्थानम बोर्ड को लेकर होगी।

गंगोत्री मंदिर के पुरोहित और व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष सतेन्द्र सेमवाल ने कहा कि-

राज्य सरकार की पहल का स्वागत है। जितने भी समय यात्रा चलेगी, स्थानीय लोगों को इसका लाभ​ मिलेगा। स्थानीय लोगों का रोजगार बंद पड़ा है, आर्थिक नुकसान हुआ है। यात्रा खुलने से कुछ राहत मिल सकती है।

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