चारधाम यात्रा: राज्य सरकार को 16 सितंबर का इंतजार, कांग्रेस ने खोला मोर्चा
चुनावी साल में चारधाम यात्रा को लेकर जारी है राजनीति
देहरादून, 14 सितंबर। चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में राज्य सरकार और विपक्षी दलों में आर-पार की लड़ाई जारी है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर चारधाम तीर्थ पुरोहितों का विश्वास जितने की कोशिश की है, अब राज्य सरकार और तीर्थ पुरोहितों को 16 सितंबर का इंतजार है। तो दूसरी तरफ कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर मामले को लेकर राजनीति गर्मा रही है। मंगलवार को कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा के बाहर एक दिन का विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही ऐलान किया कि अगर चारधाम यात्रा जल्द शुरू नहीं की तो इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगाा

हाईकोर्ट में होनी है सुनवाई
राज्य सरकार की अपील पर चारधाम यात्रा को खुलवाने के लिए 16 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इसके बाद से राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है। देवस्थानम बोर्ड को रद करने के साथ ही तीर्थ पुरोहितों ने सरकार से चारधाम यात्रा को खुलवाने की मांग शुरू कर दी है। जिसको लेकर सरकार को चोतरफा विरोध का सामना करना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा के लिए अब एक माह का समय ही बचा है। ऐसे में सरकार के पास ज्यादा विकल्प भी नहीं है। हालांकि गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थ पुरोहितों का चल रहा विरोध बंद होने से भी राज्य सरकार ने राहत की सांस ली है। लेकिन केदारनाथ और बद्रीनाथ में क्रमिक अनशन जारी है। प्रदेश सरकार ने जुलाई से चारधाम यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था, लेकिन जून में हाईकोर्ट ने कोविड से संबंधित जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अधूरी तैयारियों, स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी, कोविड प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने के आधार पर चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी। तब से तीर्थ पुरोहितों का सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी है।
कांग्रेस ने किया धरना, प्रदर्शन
इधर कांग्रेस ने चारधाम यात्रा शुरू करवाने को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चारधाम यात्रा शुरू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा के बाहर धरना दिया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जमकर राज्य सरकार को कोसा है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द चारधाम यात्रा शुरू नहीं की तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाएगा। ये मुद्दा लोगों की आजीविका से जुड़ा है। इसके अलावा एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने केदारनाथ में राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है। कांग्रेस चुनावी साल में इस मुद्दे काेे छोडनेे के पक्ष में नहीं हैा लंबे समय से चारधाम के तीर्थ पुरोहित राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैा लेकिन जिस तरह से चारधाम महापंचायत ने 30 अक्टूबर तक का समय दिया हैा उससे राज्य सरकार को राहत नजर आ रही हैा ऐसे में कांग्रेस सडकों पर उतरकर इस मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डालने देना चाहती हैा कांग्रेस को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में हो रहे विरोध से भी राजनैतिक लाभ मिल सकता हैा ऐसे में कांग्रेस ने इन दोनों धामों में अपना विरोध जारी रखा हैा साफ है कि यह मु्द्दा पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका हैा कांग्रेस की तरह आप भी इस मुद्दे के सहारे पहाडों पर अपना वोटबैंक मजबूूत करने में जुटे हैं।












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