चारधाम यात्रा:पुरोहितों और यात्रियों ने सरकार के खिलाफ किया केदारनाथ धाम में विरोध प्रदर्शन, बाजार रहे बंंद

केदारनाथ धाम में स्थानीय लोगों और तीर्थपुरोहितों के साथ तीर्थ यात्रियों ने भी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का विरोध

देहरादून, 27 सितंबर। चारधाम यात्रा को लेकर राज्य की सरकार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। चारधाम यात्रा यात्रियों के लिए खोलने के बाद भी प्रोटोकॉल का हवाला देकर यात्रियों के दर्शन को लगाए गए प्रतिबंध ई पास और दर्शन के लिए तय की यात्रियों की संख्या को लेकर अब स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को केदारनाथ धाम में स्थानीय लोगों और तीर्थपुरोहितों के साथ तीर्थ यात्रियों ने भी सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया। इसके लिए स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। इधर राज्य सरकार ने तीर्थ यात्रियों की प्रतिदिन संख्या बढ़ाने के लिए फिर से हाईकोर्ट जाने की बात की है।

Chardham Yatra: Priests and pilgrims also protested against the government in Kedarnath Dham, markets remained closed

केदारघाटी में हुआ विरोध
​कोर्ट से चारधाम यात्रा खोलने की परमिशन मिलने के बाद भी राज्य सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। कोविड प्रोटोकॉल और एसओपी के कारण तीर्थ पुरोहितों ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को केदारघाटी में ई पास और यात्रियों के प्रतिबंध को लेकर​ विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन में तीर्थ पुरोहितों के अलावा दर्शन करने आए यात्री और साधु संत भी शामिल हुए। जिन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। यात्रियों का आरोप है कि ई पास और दूसरी शर्तों से दर्शन करने में परेशानी हो रही है। जिससे लोग चाहकर भी दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही जो दर्शन के लिए आ रहे हैं, उन्हें कई प्रकार के प्रतिबंध झेलने पड़ रहे हैं। साधु संतों ने भी मंदिर को लेकर कोविड प्रोटोकॉल का विरोध किया है।

पुरषोत्तम दत्त तिवारी, तीर्थ पुरोहित केदारनाथ धाम का कहना है कि-

यात्रियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। कई यात्री धाम में पहुंचकर भी दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों का रोजगार चौपट हो गया है। देवस्थानम बोर्ड लागू होने से स्थानीय लोगों को बहुत नुकसान झेलना पड़ रहा है।

हाईकोर्ट की शरण में जाएगी सरकार
राज्य सरकार अब यात्रियों की संख्या बढ़ाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर करेगी। जिसमें चारधामों में यात्रियों की संख्या को प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ाने की मांग की जाएगी। वर्तमान में बदरीनाथ में एक हजार, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री धाम में 400 यात्रियों की अधिकतम संख्या (प्रतिदिन) तय है। देवस्थानम बोर्ड की ओर से तय संख्या के आधार पर दर्शन के लिए ई-पास जारी किए जा रहे हैं। प्रदेश में चारधाम यात्रा 18 सितंबर को शुरू हुई थी, रविवार तक 20429 तीर्थयात्री चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। 15 अक्तूबर तक चारों धामों में इस संख्या के आधार पर पंजीकरण फुल हो चुके हैं। कई ती​र्थ यात्री दर्शन किए बिना ही लौट रहे हैं। इससे चारधामों के तीर्थ पुरोहितों में नाराजगी है।

समय कम, चुनौतियां ज्यादा
चारधाम यात्रा के लिए एक से डेढ़ माह का समय बचा हुआ है। ​दीपावली से चारधामों के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में सरकार और यात्रा से जुड़े लोगों के पास समय कम है। चुनावी साल में राज्य सरकार के लिए कम समय में भी यात्रा को सुचारू रुप से चलाना बड़ी चुनौती है। पहले देवस्थानम बोर्ड का विरोध और अब यात्रियों के लिए बनाए गए नियम राज्य सरकार के लिए मुसीबतें बढ़ा रहे हैं। अगर सरकार ने समय रहते ये सारी समस्याएं नहीं सुलझाई तो आने वाले समय में सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ती जाएंगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+