Char Dham Yatra: एक माह पूरा, 15 लाख श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड, श्रद्धालुओं और जानवरों की मौत बनी चिंता का विषय
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को एक माह पूरा
देहरादून, 3 जून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को एक माह पूरा हो गया है। ऐसे में इस बार की यात्रा कई मायने में रिकॉर्ड बना चुकी है। जहां एक तरफ एक माह में 15 लाख श्रद्धालु धामों के दर्शन कर चुके हैं। तो वही यात्रा के दौरान मरने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा भी 130 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही इस बार सबसे चिंता का विषय केदारनाथ पैदल मार्ग पर मरने वाले घोड़े खच्चरों का आंकड़ा भी है जो कि 100 को पार कर चुका है।

शुरूआत में ढिलाई बाद में सख्ती
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरूआत 3 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हुई। यात्रा के शुरूआत में पहला विवाद यात्रियों की दर्शन की लिमिट को लेकर सामने आया जब पर्यटन विभाग की ओर से दावा किया गया कि एक दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की लिमिट तय कर दी गई है। हालांकि यात्रा शुरू होते ही सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस तरह की लिमिट को लेकर इनकार कर दिया। लेकिन जब श्रद्धालुओं की मौत का आंकड़ा बढने लगा और सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी तो पीएमओ ने भी रिपोर्ट तलब की। इसके बाद राज्य सरकार जागी और धामों में व्यवस्था के अनुरूप ही दर्शन की लिमिट तय की गई। पहले ये संख्या बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए हर दिन 15 हजार, केदारनाथ में हर दिन 12 हजार, गंगोत्री में 7 हजार यात्री, यमुनोत्री में 4 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन की परमिशन देने के आदेश हुए। बाद में हर धाम में एक-एक हजार यात्रियों को अधिक दर्शन करने के निर्देश दिए गए। इस तरह बद्रीनाथ में 16 हजार, केदारनाथ में 13 हजार, गंगोत्री में 8 हजार और यमुनोत्री में 5 हजार श्रद्धालुओं को प्रतिदिन दर्शन की परमिशन दी गई।
1 माह, 15 लाख श्रद्धालु पहुंचे, 130 की मौत, 100 से ज्यादा पशुओं की मौत
3 मई से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 15 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। जिनमें से बद्रीनाथ धाम में आंकड़ा 5 लाख के पार पहुंच गया तो केदारनाथ में 4 लाख 94 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। उधर गंगोत्री धाम में 2 लाख 71 हजार अैर यमुनोत्री में 2 लाख 3 हजार श्रद्धालुओं ने अब तक दर्शन किए हैं। हेमकुंड साहिब में भी अब तक 25 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं के आने और दर्शन करने का रिकॉर्ड बनने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। एक माह में ये आंकड़ा अब तक 130 पहुंच चुका है। इनमें 37 महिला और 93 पुरुष शामिल हैं। गंगोत्री में 10, यमुनोत्री में 34, बद्रीनाथ में 27 और केदारनाथ में सबसे ज़्यादा 59 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। श्रद्धाुलओं की मौत के साथ ही जानवरों की मौत का आंकड़ा भी इस यात्रा सीजन में काफी अधिक देखने को मिला है। केदारनाथ यात्रा में केवल 26 दिनों की यात्रा में 103 पशुओं की मौत हो चुकी है। जिसका कारण पशुओं की सही तरह से देखभाल न करना माना जा रहा है। इस मार्ग पर पैदल यात्रियों को घोड़े खच्चर से पहुंचाया जाता है। लेकिन घोड़े खच्चरों को सही तरह से गर्म पानी और उनके चारे की व्यवस्था न होने के कारण ये आकंड़ा बढ़ रहा है। हालांकि पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इसको गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर बीस सदस्यीय टास्क फोर्स टीम गठित की है।












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