Char dham yatra: केदारनाथ यात्रा में कितना आएगा खर्चा, हेली सेवा से लेकर रुकने और यात्रा की पूरी डिटेल
दिल्ली से केदारनाथ की दूरी लगभग 466 किलोमीटर है। जिसमे गौरीकुंड के बाद 18 किमी का पैदल ट्रेक भी शामिल है। केदारनाथ यात्रा के लिए कम से कम तीन दिन का समय चाहिए। मौसम विपरीत होने पर अधिक समय लग सकता है।

भगवान शिव के भक्तों के लिए चारों धाम में केदारनाथ सबसे प्रमुख धाम है। ये 12 ज्योतिर्लिंग में भी शामिल है। लेकिन चारों धामों में से सबसे कठिन केदारनाथ धाम की यात्रा है। केदारनाथ पहुंचने के लिए 18 किमी का पैदल ट्रेक है। हालांकि हवाई सेवा भी उपलब्ध है।
यात्रा के लिए कम से कम तीन दिन ,कार का पर डे का खर्चा साढ़े 4 हजार
केदारनाथ यात्रा के लिए कम से कम तीन दिन का समय चाहिए। मौसम विपरीत होने पर अधिक समय लग सकता है। ऐसे में केदारनाथ बुकिंग पर ले जाने वाली गाड़ियां पर डे के खर्चे के हिसाब से ले जाती है। फिलहाल एक परिवार का एक कार का पर डे का खर्चा साढ़े 4 हजार रुपए बताए जा रहे हैं। जो कि सीजन में थोड़ा बढ़ना तय है।
दिल्ली से केदारनाथ की दूरी लगभग 466 किलोमीटर
केदारनाथ मंदिर समुद्र तल से 3584 मीटर की ऊंचाई पर मन्दाकिनी नदी के किनारे स्थित है। यहां मौसम बहुत की ठंडा और विपरीत मिलता है। ऐसे में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही यहां जाने की परमिशन दी जाती है। दिल्ली से केदारनाथ की दूरी लगभग 466 किलोमीटर है। जिसमे गौरीकुंड के बाद 18 किलोमीटर का पैदल ट्रेक भी शामिल है। दिल्ली से गौरीकुंड की दूरी सड़क मार्ग द्वारा तय करने में लगभग 15-18 घंटे तक का समय लग जाता है। दिल्ली से यात्रा शुरू होने पर सबसे पहले हरिद्वार पहुंचा जाता है। यहां तक ट्रेन से भी आसानी से पहुंचा जा सकता है। सीधे हवाई मार्ग से आने के लिए देहरादून या जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा जाता है। इसके बाद सहस्त्रधारा देहरादून हेलिपैड से हेलीकाप्टर द्वारा फाटा, सिरसु, गुप्तकाशी, नजदीकी हेलीपैड केदारनाथ पहुंचा जा सकता है। कार या बस से सफर करने पर केदारनाथ के लिए रुद्रप्रयाग जिले में पहुंचना होता है। केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले में है। केदारनाथ मार्ग पर सोनप्रयाग-गौरीकुंड तक सड़क मार्ग है। बाहरी वाहनों द्वारा सोनप्रयाग तक पहुंचा जाता है। सोनप्रयाग में पार्किंग है। इसके बाद टैक्सी की सहायता से 5-6 किलोमीटर आगे गौरीकुंड पहुंचा जाता है। गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए पैदल ट्रेक शुरू होता है। दिल्ली से हरिद्वार उसके बाद ऋषिकेश, तपोवन, तीन धारा, देवप्रयाग, श्रीनगर , धारीदेवी मंदिर, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी,सोनप्रयाग, गौरीकुंड प्रमुख स्टेशन है। इसके बाद 18 किलोमीटर ट्रेक के बाद केदारनाथ धाम पहुंचा जाता है। पैदल ट्रेक से पहले कहीं भी राात्रि विश्राम किया जा सकता है। यहां आसानी से होटल, होम स्टे मिल जाते हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु-
- होटल के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम की वेबसाइट https://gmvnonline.com/ पर जाकर कमरे बुकिंग की जा सकती है।
- होम स्टे के लिए https://uttarakhandtourism.gov.in/homestay/ से हासिल की जा सकती है।
- केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल से खुल जाएंगे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। लेकिन हवाई टिकट के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह का इंतजार करना होगा।
- हेली सर्विस गुप्तकाशी से केदारनाथ हेली सेवा का यात्रियों को दोनों तरफ का किराया 7740 रुपये देना पड़ेगा।
- फाटा से केदारनाथ का किराया 5500 रुपए तय हुआ है इसी तरह सिरसी से केदारनाथ का किराया 5498 तय हुआ है।
- केदारनाथ हेली सेवा के टिकटों की बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी ने वेबसाइट लांच कर दी है। इसके लिए heliyatra.irctc.co.in का ट्रायल चल रहा है। हालांकि अभी हेली सेवा के टिकटों की बुकिंग शुरू नहीं हुई है।
इस तरह कराएं रजिस्ट्रेशन- वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ऐप touristcareuttrakhand पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। वॉट्सएप के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वॉट्सऐप नंबर 91-8394833833 पर (Yatra टाइप करें)। श्रद्धालु टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर भी करा सकते हैं।
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