बद्रीनाथ, केदारनाथ में VIP दर्शन के लिए पहली बार देने होंगे 300 रुपए, गंगोत्री-यमुनोत्री में नहीं, जानिए क्यो
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक हुई। जिसमें पहली बार बद्रीनाथ व केदारनाथ में विशेष दर्शन के लिए वीआईपी को 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया।

उत्तराखंड के चार धाम में से बद्रीनाथ व केदारनाथ में अब वीआईपी दर्शन के लिए पहली बार शुल्क देना होगा। इस यात्रा सीजन में यात्रियों को वीआईपी दर्शन के लिए 300 रुपये देने होंगे। इसके अलावा केदारनाथ धाम में आगामी यात्रा काल की शुरुआत में 100 किलोग्राम का एक अष्टधातु का त्रिशूल स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही मार्कण्डेय मंदिर मक्कूमठ के जीर्णशीर्ण सभा मंडप का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। बोर्ड बैठक में बीकेटीसी ने विद्यापीठ (गुप्तकाशी) में वर्तमान में बंद पड़ी आयुर्वेदिक फार्मेसी को दोबारा शुरू कर विभिन्न उत्पाद तैयार करने का निर्णय लिया। गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर समिति ने अभी इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। फिलहाल इन दोनों धामों में ही ये व्यवस्था रहेगी।
वीआईपी से विशेष दर्शन व प्रसाद के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये शुल्क निर्धारित
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ समिति (बीकेटीसी) की अध्यक्ष अजेंद्र अजय की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। जिसमें पहली बार बद्रीनाथ व केदारनाथ में विशेष दर्शन के लिए वीआईपी को 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया। बीकेटीसी ने भारत के दूसरे बड़े मंदिरों तिरुपति बालाजी, श्री वैष्णो देवी, श्री महाकालेश्वर व श्री सोमनाथ मंदिर में पूजा, दर्शन की व्यवस्था व प्रबंधन के अध्ययन के लिए हाल ही में चार दल भेजे थे। दलों की रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी ने बद्रीनाथ व केदारनाथ मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले सभी तरह के वीआईपी से विशेष दर्शन व प्रसाद के लिए प्रति व्यक्ति 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। बुकिंग कराने वाले के संबंध में मंदिर समिति के पास प्रोटोकाल आएगा। जिसके बाद समिति संबंधित की स्लिप तैयार करेगी व एक कर्मचारी उन्हें दर्शन कराएगा। बीकेटीसी के कार्मिक प्रोटोकॉल की व्यवस्था देखेंगे। इसके तहत दर्शन के लिए आने वाले वीआईपी को बीकेटीसी के कार्मिक ही मंदिरों में दर्शन कराने व प्रसाद वितरण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
दान व चढ़ावा वेतनधारी पुजारी व कर्मचारी ग्रहण नहीं करेंगे
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मंदिरों को मिलने वाले दान व चढ़ावे की गिनती के लिए पारदर्शी व्यवस्था रहेगी। दोनों धामों में पारदर्शी शीशे के हट बनाकर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि मंदिर के लिए जो भी दान व चढ़ावा श्रद्धालु देते हैं, उसे बीकेटीसी के वेतनधारी पुजारी व कर्मचारी ग्रहण नहीं करेंगे। पूजा व्यवस्था से जुड़े कार्मिक श्रद्धालुओं को दान-चढ़ावे को दान पात्र में डालने को प्रेरित करेंगे। ऐसा ना करने पर कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।आईटी संबंधी कार्यों को मजबूती देने के लिए स्वयं की सूचना प्रौद्योगिकी इकाई गठित की जाएगी। बीकेटीसी के अस्थायी कार्मिकों के भविष्यगत लाभों को संरक्षित करने के लिए उन्हें ईपीएफ की सुविधा दी जाएगी। बीकेटीसी ने आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 76,25,76,618 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया। बद्रीनाथ अधिष्ठान के लिए 39,90,57,492 करोड़ व केदारनाथ अधिष्ठान के लिए 36,35,19,126 करोड़ का परिव्यय प्रस्तावित है। बजट में विगत वर्ष की 65,53,11,583 करोड़ की आय के मुकाबले आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 94,26,23,042 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आय का लक्ष्य रखा गया है।












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