उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर मारपीट मामले में मुकदमा दर्ज, ये है पूरा मामला
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर मारपीट मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बीते मंगलवार को कैबिनेट मंत्री के ऋषिकेश में एक व्यक्ति के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ था।

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर आखिरकार मारपीट मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष और पीड़ित परिवार, लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था, जिस पर पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था।
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आरटीआई में इस बात की जानकारी
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे और मुकदमे में प्रेमचंद अग्रवाल का नाम शामिल किए जाने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों ने मंत्री के घर से लेकर कोतवाली तक प्रदर्शन किया। पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस को एक अनुरोध पत्र दिया गया था जिसमें कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का नाम सुरेंद्र सिंह नेगी की तरफ से किए गए मुकदमे में शामिल किए जाने को लेकर मांग की गई थी। एक आरटीआई में इस बात की जानकारी दी गई है कि मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर मुकदमा हुआ है।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल
बीते मंगलवार को कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल के ऋषिकेश में एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ। जिसमें पहले मंत्री ने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की इसके बाद मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने भी जमकर हाथ पांव चलाए। इसके बाद मंत्री ने खुद सामने आकर अपना पक्ष रखा और व्यक्ति पर गाली गलौज करने के साथ ही अभद्रता करने का आरोप लगाया। इसके बाद मंत्री के कर्मचारी की तरफ से पुलिस में कंप्लेन दर्ज कराई गई।
दूसरे पक्ष ने भी मंत्री और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी
बाद में दूसरे पक्ष ने भी मंत्री और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस की ओर से बलवा और मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन उसमें सीधे मंत्री को नामजद नहीं किया। केवल मंत्री के पीआरओ का नाम ही एफआईआर में लिखा गया। जबकि, तहरीर के अनुसार पहले गाली गलौज मंत्री ने ही शिकायकर्ता के साथ की थी। पहला मुकदमा मंत्री के गनर गौरव राणा की ओर से दर्ज कराया गया। इसमें सुरेंद्र सिंह नेगी और उनके साथी धर्मवीर पर लूट, लोक सेवक के साथ मारपीट और अन्य धाराएं लगाई गई हैं। जबकि, दूसरा मुकदमा सुरेंद्र सिंह नेगी की तहरीर पर दर्ज किया गया। पुलिस ने इस तहरीर पर भी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। लेकिन, कौशल बिजल्वाण को ही एफआईआर में आरोपी के तौर पर दर्शाया। इसमें बलवा और मारपीट की धाराएं लगाई गईं। जिसके बाद इस पूरे मामले में जमकर बवाल हुआ।












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