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ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और एस्केप टनल का ब्रेक थ्रू, जानिए क्यों खास है ड्रीम प्रोजेक्ट

उत्तराखंड ही नहीं केंद्र के भी ड्रीम प्रोजेक्ट ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और एस्केप टनल का ब्रेक थ्रू हो गया है। जिससे अधिकारी कर्मचारियों के साथ ही काम कर रहे मजदूरों में भी खुशी की लहर है।

खांकरा से डूंगरीपंथ के बीच पैकेज-7 ए में लगभग पांच किमी की एस्केप टनल का ब्रेक थ्रू हो गया है। 125 किमी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

Break through another escape tunnel Rishikesh Karnaprayag Rail Project why dream project special

पहाड़ में रेल दौड़ाने का सपना धीरे-धीरे साकार होता हुआ नजर आ रहा है। बीते दिन एस्केप टनल का ब्रेक थ्रू किया गया। पैकेज-7ए में आरबीएनएल अंतर्गत कार्य कर रही मैक्स एचईएस की टीम में लगभग पांच किमी की ऐस्केप टनल का ब्रेक थ्रो कर दिया है।

ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 9 पैकेज में कार्य चल रहा है। पैकेज-7ए पर ही सबसे पहले 2 किमी की एस्केप व मेन टनल का ब्रेक थ्रू किया था। अब 5.1 किमी एस्केप टनल का ब्रेक थ्रो हुआ है। जिस कंपनी के ने इस काम को अंजाम दिया है, उनके पास 7.096 किमी टनल का निर्माण कार्य है। जिसमें तेजी से काम हो रहा है।

चार धाम के लिए सबसे अहम ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना को 2026 तक पूरी करने का दावा किया जा रहा है। आरवीएनएल का दावा है कि 2026 के अंत तक रेल चलनी शुरू हो जाएगी।

दावा है कि वर्ष 2025 तक सुरंगों की खोदाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आरवीएनएल का दावा है कि 2026 के अंत तक रेल चलनी शुरू हो जाएगी। कंपनी पहले ही जून माह में पटरी बिछाने का दावा भी कर चुकी है।

परियोजना में कुल 16 रेलवे पुल भी हैं जिनमें से चंद्रभागा, गूलर, लक्ष्मोली व श्रीनगर के रेलवे पुल बन कर तैयार हो चुके हैं। शेष 12 पुलों का निर्माण कार्य भी 50 फीसदी पूर्ण हो चुका है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना

  • परियोजना में कुल 12 स्टेशन हैं।
  • बड़े स्टेशनों में श्रीनगर व कर्णप्रयाग शामिल हैं।
  • जनासू व देवप्रयाग स्टेशनों का कुछ हिस्सा टनल के भीतर है।
  • बाकी सभी स्टेशन टनल के बाहर हैं।
  • देवप्रयाग व जनासू के बीच बन रहीं देश की सबसे लंबी दो सुरंगें नवंबर तक पूरा हो जाएगा
  • दोनों सुरंगों की खोदाई का कार्य यह दो सुरंग देवप्रयाग और जनासू के बीच बन रही हैं।
  • दोनों सुरंगों का निर्माण तय समय से पूर्व अक्टूबर व नवंबर 2024 तक हो जाएगा।
  • 125 किमी लंबी ब्राडगेज रेल लाइन 17 सुरंगों से करीब 104 किमी का सफर तय करेगी।
  • तीन सुरंग ही ऐसी हैं, जिनकी लंबाई तीन किमी से कम हैं। 12 सुरंगों की लंबाई तीन किमी से अधिक है।
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