उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए महेंद्र भट्ट ने कराया नामांकन, भट्ट का जीतना तय, कांग्रेस नहीं उतारेगी प्रत्याशी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम भी मौजूद रहे। भट्ट ने विधानसभा में पहुंचकर सारी औपचारिकताएं पूरी की। इसके बाद उन्होंने नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी को सौंपा। इस बीच धामी सरकार के मंत्री, विधायक, पार्टी से जुड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

महेंद्र भट्ट का निर्विरोध चुना जाना तय है। कांग्रेस ने उत्तराखंड से किसी को चुनाव लड़ाने से इनकार कर दिया है। इसकी वजह संख्याबल है। भाजपा के 47 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 19। ऐसे में कांग्रेस के पास दूसरा विकल्प बचता भी नहीं है। महेंद्र भट्ट को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने सबको सरप्राइज दे दिया था। इसके पीछे की गणित समीकरणों को साधने की है।
इस सीट पर अनिल बलूनी 6 साल सांसद रहे। जो कि पौड़ी जिले के ब्राह्रमण चेहरा हैं। अब बलूनी की जगह ब्राह्रमण चेहरा ही राज्ससभा भेजा जा रहा है। महेंद्र भट्ट चमोली जिले से आते हैं। चमोली जिले का धामी सरकार में किसी तरह का प्रतिनिधित्व भी नहीं है। ऐसे में भाजपा ने एक तीर से कई निशान साधने की कोशिश की है।
उधर अनिल बलूनी को पौड़ी गढवाल सीट से चुनाव लड़ाने की चर्चा तेज है। बलूनी को लंबे समय से उत्तराखंड से चुनाव लड़ाने की चर्चा हो रही है। ऐसे में राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होते ही पार्टी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा ने भेजकर ये संदेश देने की कोशिश की है।
पार्टी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया है। राज्यसभा सांसद रहे अनिल बलूनी का छह साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्यसभा की सीट खाली हो गई थी। 20 फरवरी को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि है। वही 27 फरवरी को राज्यसभा के लिए मतदान होगा, हालांकि अब चुनाव होना मुश्किल है। भट्ट का निर्विरोध चुना जाना तय है।












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