Uttarakhand: भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने ऐसा क्या कह दिया कि मच गया बवाल, अब बयान को सुधारने में जुटे
उत्तराखंड: भाजपा प्रभारी दुष्यंत गौतम के बयान को लेकर बवाल
Dushyant Gautam उत्तराखंड में भाजपा के प्रभारी दुष्यंत गौतम के बयान को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। प्रभारी ने एक बयान में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कह दिया कि कांग्रेसी तो मंदिरों में लड़कियां छेड़ने जाते हैं। इससे कांग्रेस को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया। जिस पर कांग्रेस ने भाजपा के नेताओं को अपने भीतर झांकने की नसीहत दे डाली। बुधवार शाम गौतम ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का उद्धरण दिया था, न कि अपनी राय रखी थी। मंदिर जाने की नीयत पर कांग्रेसियों को अपने नेता से मंशा पूछनी चाहिए।

सोच पर टिप्पणी की थी, न बल्कि निजी राय रखी थी
कांग्रेसियों के भारी विरोध के बाद अब भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कांग्रेस से मंदिर जाने की नीयत पर अपने नेता से मंशा पूछने का आग्रह किया है। गौतम ने कहा कि उन्होंने पूर्व मे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयांन और सोच पर टिप्पणी की थी, न बल्कि निजी राय रखी थी। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा की कांग्रेसी इसका जवाब अपने नेता से पूछे की वह मंदिर किस उद्देश्य से जाते हैं।
कहा -राहुल गांधी के उस बयान को उद्धरण किया था
पार्टी प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों के सवालों का जबाब देते हुए दुष्यंत गौतम ने कहा कि उन्होने तो राहुल गांधी के उस बयान को उद्धरण किया था जिसमें उन्होने मंदिर जाने वालों को लड़की छेड़ने वाला बताया था। उन्होने विरोध पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उनकी दिनचर्या और जीवन शैली सनातन है। हमारा पूर्ण विश्वास है कि मंदिर में लोग पवित्र विचार लेकर जाते हैं । उन्हे राहुल गांधी को बताना चाहिए कि वह मंदिर में गलत उद्देश्यों से नहीं जाते हैं उन्हे ही शक है कि मंदिर में लोग लड़कियां छेड़ने जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रभु राम को नहीं मानते, उनके जन्म स्थान को को नहीं जानते, राम सेतु को काल्पनिक बोलते नहीं कोर्ट में हलफ़नामा देते है उनमें मंदिर की पवित्रता का ज्ञान होने की उम्मीद रखना बेमानी है।
कांग्रेस की विचारधारा सनातन धर्म का विरोध करना, मंदिरों में लड़कियों को छेड़ने जाते हैं
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के एक बयान से उत्तराखंड में सियासत गरमा गई है। अपने दो दिन के उत्तराखंड दौरे पर पर आए दुष्यंत कुमार गौतम ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर प्रतिक्रिया के दौरान कहा था कि कांग्रेस कोई भी प्रयोग करे हमें कोई दुख नहीं है। दुख इस बात का है कि कांग्रेस की विचारधारा सनातन धर्म का विरोध करना है। मंदिरों में लड़कियों को छेड़ने जाते हैं। भगवान राम के अस्तित्व को नकारते हैं। अब उसी परिपाटी का अध्यक्ष ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, जो कहते हैं कि सनातन धर्म आ जाएगा तो देश में हाहाकार मच जाएगा।
कांग्रेस की महिला नेताओं ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज की
गौतम के इस बयान से कांग्रेस को बैठे बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने भाजपा के नेताओं को गिरेबां में झांकने की नसीहत दी। कांग्रेस की महिला नेताओं ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज की। महिला प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपाइयों ने उत्तराखंड को कई बार शर्मसार किया है। गौतम का यह बयान उनकी बौखलाहट बताता है। यह भाजपा की मानसिक विकृति को भी जता रहा है। यह विवादास्पद बयान सोची.समझी रणनीति के तहत सरकार के भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए दिया गया है। उन्होंने गौतम के त्यागपत्र की मांग भी उठाई। चौतरफा विरोध और कांग्रेसियों के हमले पर गौतम ने बयान से पलट कर कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पूर्व में दिए गए बयान का उद्धरण देते हुए उनकी सोच पर टिप्पणी की थी। बेहतर होगा कि कांग्रेसी इसका जवाब अपने नेता से पूछें कि वह किस उद्देश्य से मंदिर जाते हैं ।












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