भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू, मिशन 2024 और राज्य में विकास के रोडमैप पर मंथन
हल्द्वानी में दो दिनों तक भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
देहरादून,7 जून। उत्तराखंड में इतिहास रचने, दोबारा प्रचंड जीत मिलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की रिकॉर्ड जीत के बाद अब भाजपा मिशन 2024 में जुट गई है। इसके लिए मंगलवार से हल्द्वानी में भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में मिशन 2024 सहित प्रदेश में विकास के मुद्दों पर चर्चा होगी।

हल्द्वानी में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक
भाजपा संगठन एक जीत के बाद दूसरे लक्ष्य को हासिल करने के लिए रणनीति पर फोकस करना शुरू कर देती है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की चंपावत में ऐतिहासिक जीत के 4 दिन में ही भाजपा ने अब अगले लक्ष्य पर फोकस करना शुरू कर दिया है। इसके लिए हल्द्वानी में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, सहप्रभारी रेखा वर्मा समेत पदाधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारी के साथ कैबिनेट मंत्री और सांसद समेत सभी प्रदेश के दिग्गज शामिल होंगे। जो कि आगे की रणनीति पर फोकस करेंगे। पार्टी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 8 वर्ष पूरे होने और इस अवधि में उनके द्वारा ऐतिहासिक विकास कार्यों को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा। प्रदेश में नवगठित प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार के रिपीट होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया जाएगा। साथ ही उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का भी पुनः प्रचंड बहुमत की सरकार प्रदेश में देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया जाएगा । इसके अलावा विकास कार्यों को लेकर पूर्व में बनाये रोड मैप एवं भाजपा के दृष्टि पत्र पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यसमिति में चर्चा के दौरान आए सुझाव वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन भी लिया जाएगा।
सरकार और संगठन के समन्वय पर चर्चा
दो दिन तक हल्द्वानी में हो रही बैठक में अब 5 साल तक सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान कैबिनेट में खाली 3 सीटें और कार्यकर्ताओं को दायित्व देने पर भी चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उपचुनाव जीतने के बाद अब सरकार पूरी तरह से फुलफॉर्म में आ चुकी है। मुख्यमंत्री भी अब फ्री हैंड होकर काम कर सकते हैं। ऐसे में अब संगठन अपना भी सरकार में प्रतिनिधित्व चाहेगा। इसके लिए संगठन में निष्ठा से काम करने वाले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को विभिन्न निगमों, आयोग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बांटी जानी है। जो कि सरकार को जल्द से जल्द करना होगा। इस पर सभी की निगाहें टिकी होंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर भी दबाव होगा। इससे पूर्व सरकारों में संगठन की कई बार इसी वजह से नाराजगी भी देखने को मिली। ऐसे में इस बार धामी कतई इस गलती को नहीं दोहराना चाहेंगे। इसके साथ ही धामी के लिए चुनौती मिशन 2024 का लोकसभा चुनाव भी है। जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी निगाहें हैं। धामी को 2019 की तरह इस बार भी सभी 5 सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करना होगा। जिसके लिए सरकार और संगठन को मिलकर काम करना होगा।












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