उत्तराखंड में भाजपा का प्लान बी शुरू, सियासी पिच पर निशंक का मास्टरस्ट्रोक तैयार, जानिए क्या है मसला
पूर्व सीएम निशंक की निर्दलीयों से मुलाकात की खबरें वायरल
देहरादून, 9 मार्च। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के परिणाम से पहले ही भाजपा और कांग्रेस खेमे में जबरदस्त बैचेनी नजर आ रही है। 10 मार्च को सियासी पिच पर बैटिंग करने के लिए भाजपा, कांग्रेस की और से तैयार होने का दावा किया जा रहा है। लेकिन जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, उससे तय है कि इस सियासी पिच पर पूर्व सीएम निशंक अपने मास्टरस्ट्रोक मारने के लिए पूरी तैयारी कर चुके है। जिससे कई तरह की कयासबाजी भी शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा सियासी उठापटक के लिए भाजपा पर ही नजरें टिकी हुई है। इधर भाजपा के बड़े नेताओं की निर्दलीय प्रत्याशियों से मुलाकात की खबरें वायरल होने से हड़कंप मचा हुआ है। इन निर्दलीयों की पूर्व सीएम निशंक से मुलाकात की खबरें वायरल हो रही हैं।

सियासी ड्रामे की सुबबुगाहट
विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने में अब कुछ ही घंटे बचे हुए हैं। इससे पहले सरकार बनाने के लिए गठजोड़ का खेल शुरू हो गया है। सबसे ज्यादा उठापटक भाजपा के अंदर नजर आ रहा है। पहले दिल्ली से लेकर वाराणसी तक भाजपा के नेताओं की दौड़ और उसके बाद देहरादून में रणनीतिकारों की फौज के आने के बाद से सियासी ड्रामे की सुबबुगाहट होने लगी है। इस पूरे प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका सबसे खास मानी जा रही है। ये दोनों किरदार भाजपा की सरकार बनाने के लिए सभी तरह की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इस बीच देहरादून में निर्दलीय प्रत्याशियों की पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मिलने की खबर भी बुधवार देर रात तक सोशल मीडिया और दूसरे माध्यम से बाहर आ गई। जिसके बाद ये तय हो गया कि भाजपा ने निर्दलीय और दूसरे दलों के नेताओं से संपर्क करना शुरू कर दिया है। या यूं कहें कि बात संपर्क से कहीं आगे तक पहुंच चुकी है। पार्टी हर हाल में सरकार बनाने के लिए प्रयास करने में जुटी है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि पार्टी बहुजन समाज पार्टी और दूसरे संभावित जिताऊ प्रत्याशियों से संपर्क में हैं। पार्टी उन सभी रणनीति पर फोकस कर रही है जो कि परिणाम के बाद जरुरत पड़ सकती है।
निशंक और विजयवर्गीय का प्लान बी पर फोकस
एग्जिट पोल के अनुमानों में भी बसपा और निर्दलीय के जीतकर आने की संभावना जताई जा रही है। जिनकी संख्या 3 से 5 तक हो सकती है। इस तरह बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए भाजपा पहले ही सभी समीकरणों को साधने में जुट गई है। इसके लिए भाजपा ने अभी से अपने मोहरे फिट कर दिए हैं। साथ ही ये दावा किया जा रहा है कि भाजपा अपने प्लान ए की तुलना में प्लान बी पर ज्यादा काम कर रही है। प्लान बी में जोड़ तोड़ और दूसरे तरीके अपनाए जाने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में भाजपा की ओर से पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की जोड़ी को हाईकमान ने पूरी छूट दे दी है। जिस वजह से दोनों ही देहरादून से पूरी स्क्रिप्ट लिखकर तैयारी कर रहे हैं। जिसका असर चुनाव परिणामों के बाद दिखना तय है। ये भी माना जा रहा है कि इस बात को लेकर भाजपा पूरी तरह से आश्वस्त है कि सीटों के नंबर में वे कांग्रेस से आगे की रहेंगे। हालांकि बहुमत तक पहुंचने को लेकर जरुरी नंबर जुटाने की भाजपा अंदरखाने स्वीकार कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications