आप को काउंटर करने के लिए भाजपा का नया दांव, उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का मुद्दा लपका
उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने को लेकर चला सियासी दांव
देहरादून, 29 सितंबर। उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए अब भाजपा सरकार ने भी अपना विजन रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वे उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देहरादून आकर चुनावी घोषणा में सरकार आने पर उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात की, इसके बाद आप के उत्तराखंड में सीएम प्रत्याशी कर्नल अजय कोठियाल ने इसको लेकर वेबसाइट भी लांच की। जिसके बाद से यह चुनावी मुद्दा बनता जा रहा हैा

सीएम ने संवाद कार्यक्रम में रखी बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में आध्यात्मिक गुरु सदगुरु के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखंड दुनिया का खूबसूरत प्रदेश है, जहां पहाड़, हिमाच्छादित चोटियां, नदियां, वन संपदा की भरमार है, हमारा प्रयास पर्यटन और आध्यात्म के क्षेत्र में उत्तराखण्ड को शिखर पर ले जाने का है। सीएम ने कहा कि उत्तराखण्ड दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बने इसके लिये भी हम प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिये नर सेवा नारायण सेवा है। सभी जरूरतमंदों की मदद करना ही हमारे लिये आध्यात्मिकता है। साफ है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा का काउंटर ढूंढ लिया है। जिसको लेकर भाजपा चुनावी साल में आप और कांग्रेस से हिंदूत्व के मुद्दे पर आमना-सामना करने को तैयार है।
हिंदुत्व कार्ड पर हो रही बहस
2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व के नाम पर वोटबैंक की राजनीति को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पहले ही अपना विजन रख चुके हैं। कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत ने जहां श्रीगणेश और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के गणेश अवतार के अलावा श्री राम का जवाब श्री गणेश से देने का दांव खेला, तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देवस्थानम बोर्ड को मैनिफेस्टो में शामिल कर चारधाम के मुद्दे को लपकने की कोशिश की। आम आदमी पार्टी ने भी उत्तराखंड में सरकार आने पर इसे विश्व की आधात्मिक राजधानी बनाने की घोषणा कर हिंदुत्व कार्ड खेला है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को दुनिया भर के हिंदुओं की आध्यात्मिक राजधानी बनाया जाएगा एक तरफ दिल्ली देश की प्रशासनिक राजधानी होगी,दूसरी तरफ उत्तराखंड हिन्दुओं की आध्यात्मिक राजधानी होगी। उनका कहना है कि चारधाम की यात्रा से दुनिया भर के लोगों को विश्वास और सकून मिलता है। एक तरफ लोग यहां दर्शन करने आएंगे और उन्हें आध्यत्मिक सुख मिलेगा, वहीं युवाओं को रोजगार मिलेगा और रोजगार के नए-नए अवसर पैदा होंगे। अरविंद केजरीवाल की घोषणा के बाद कर्नल अजय कोठियाल ने उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का संकल्प लेते हुए प्रदेश की जनता से इस अभियान से जुडने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बेवसाइट के जरिए लोगों को रजिस्टर्ड कराकर अभियान को सफल बनाने में पूरे प्रदेश के लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
उत्तराखंड में हैं चारधाम के अलावा कई धर्म स्थल
उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा, हेमकुंड साहिब, हरिद्वार,ऋषिकेश, अल्मोड़ा और कई हिंदू आस्था का प्रतीक धर्म स्थल है। साथ ही उत्तराखंड को देवभूमि माना जाता है। यहां साधु संतों का भी लगाव है। इस वजह से चुनाव में हिंदू वोटर को रिझाने के लिए हर राजनैतिक दल अपने-अपने विजन रख रहे हैं। लेकिन जिस तरह से चुनाव से पहले उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने का दावा किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड को आने वाले समय में विश्व पटल पर फायदा मिलना तय है।












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