अखिलेश यादव के कांवड़ की ऊंचाई को लेकर दिए किस बयान पर BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया पलटवार,जानिए क्यों
BJP President Mahendra Bhatt SP Akhilesh Yadav भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांवड़ की ऊंचाई को लेकर सपा सुप्रीमों अखिलेश के बयान को तथ्यहीन और गुमराह करने वाला बताया है। साथ ही पूर्व सीएम हरदा के गैरसैण पर किए वादे पर आईना दिखाया कि सरकार में रहते तो वहां के लिए कभी कुछ नहीं किया।
अखिलेश यादव ने कांवड़ को लेकर ट्विट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि उप्र के प्रवासी मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड के मूल निवासी से सविनय निवेदन व आग्रह है कि आस्थाओं के लिए उत्तराखण्ड में लगी पाबंदियों को शासनिक-प्रशासनिक व्यवस्था की तार्किक सीमाओं में रहते हुए, यथायोग्य अनुमति प्रदान करवाएं।

महेंद्र भट्ट ने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया कि यह कांवड़ यात्रा पर उनकी दोहरी सोच दर्शाता है, जिसे अब जनता भी साफ़-साफ़ देख रही है। भाजपा सरकार श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही 10 फीट से ऊँची कांवड़ न बनाने की सलाह देती है। लेकिन उनके जैसे सनातन विरोधी इसे 'रोक' बताकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाते हुए कहा, जब आप सत्ता में थे, तब कांवड़ यात्रा के दौरान न कोई बेहतर व्यवस्था थी, न ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतज़ाम होता था। बल्कि, इन्होंने ख़ुद डीजे और भक्ति संगीत पर यह कहकर रोक लगाई थी कि इससे 'शोरगुल' होता है। लेकिन आज राजनैतिक ढोंग करते हुए अखिलेश श्रद्धा के नाम पर दिखावा करते हुए शिव भक्तों में भ्रम फैलाना चाहते हैं।
समाजवादी सरकार में सनातनी श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगते थे, लेकिन भाजपा सरकार श्रद्धालुओं के लिए शानदार प्रबंध करती है। हमारी सरकार ने कहीं कोई पाबंदी नहीं लगाई है, बल्कि हर कांवड़ यात्री की श्रद्धा का सम्मान करते हुए, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा, श्रद्धा को व्यवस्था से जोड़ना दूरदृष्टि है और श्रद्धा पर राजनीति करना अवसरवाद। जनता को अब भली-भांति समझ आ गया है कि कौन श्रद्धा के साथ खड़ा है और कौन सिर्फ़ मंच पर नाटक कर रहा है। सपा और कांग्रेस की दोहरी मानसिकता को लोग बार बार नकार चुके हैं और इस तरह की बयानबाजी बताती हैं कि नकारने का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
वहीं पूर्व सीएम हरीश रावत द्वारा गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने के वादे पर आईना दिखाया कि उन्हें भी सत्ता में रहने का मौका मिला लेकिन कोई भी ठोस कदम उनके द्वारा या अन्य कांग्रेस की सरकारों द्वारा गैरसैण को लेकर नहीं उठाया गया। आज कांग्रेस के लिए पुनः जनता का विश्वास जीतना, मुंगेरीलाल के सपनों की तरह रह गया है। ऐसे में इस तरह के हवा हवाई दावे को कोई भी अब गंभीरता से नहीं लेता है।
हरदा के मौन व्रत पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, जिनकी राजनीति को बार-बार नकारकर, जनता ने मौन कर दिया हो, जिनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए उनकी कही बातें मायने नहीं रखती हों, उनका मौन रहना ही उचित है।
उनका मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से रोजाना किंवटलों झूठे आरोप लगाकर, थोड़े समय मौन हो जाने के नाटक से अब जनता भलीभांति परिचित है। लिहाजा उनके वक्तव्यों या मौन रहने को प्रदेश की जागरुक जनता अब बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेती है।












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