Uttarakhand BJP प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली दौरे के बाद त्रिवेंद्र रावत जेपी नड्डा से मिले, गरमाई सियासत
Uttarakhand त्रिवेंद्र सिंह रावत की जेपी नड्डा से मुलाकात
उत्तराखंड भाजपा में चल रही अंदरखाने उठापटक खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में केन्द्रीय नेतृत्व से मुलाकात की तो दूसरी तरफ पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने पहुंच गए। इस मुलाकात के भी सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। हालांकि पार्टी सूत्रों का दावा है कि हाईकमान बीते दिनों हुए बयानबाजियों से नाराज है और इसको लेकर दो टूक चेतावनी दी गई है। जिस तरह से पूर्व सीएम तीरथ सिंह और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने बयान देकर अपनी ही सरकार को मुश्किल में डाला उससे पार्टी हाईकमान सख्त हो गया है।

दो पूर्व सीएम के बयान वायरल, प्रदेश की सियासत गरमा गई
उत्तराखंड के सियासी इतिहास को देखें तो यहां कभी भी कुछ भी संभव है। ऐसे में सियासत के हर कदम के सियासी मायने तलाशने शुरू हो जाते हैं। जब भी कोई बड़ा चेहरा दिल्ली में सीनियर नेताओं से मुलाकात करता है तो उसका असर प्रदेश की सियासत में देखने को मिलता है। बीते दिनों से कुछ ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया में तेजी से सामने आ रही है। भाजपा के दो पूर्व सीएम के बयान सोशल मीडिया में वायरल हुए तो प्रदेश की सियासत गरमा गई है। सबसे पहले तीरथ सिंह रावत का बयान वायरल हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपी में जो कमीशनखोरी की प्रथा प्रचलित थी वह उत्तराखंड में भी जारी है। तीरथ के इस बयान से पार्टी और सरकार दोनों असहज नजर आए। इसके बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का एक बयान सामने आया जिसमें उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट सिटी उनके कार्यकाल में देश में 9वें स्थान पर था लेकिन आज जो हो रहा है उससे सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी में कुछ गड़बड़ लगती है। त्रिवेंद्र रावत का ये बयान भी सीधे धामी सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला माना गया। ऐसे में अपनी ही सरकार को घेरने का मामला तेजी से उठने लगा। जिससे पार्टी हाईकमान एक्टिव हो गया।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की दिल्ली दौड़
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की दिल्ली दौड़ शुरू हो गई। महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम से भेंट की। उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम के सामने सभी मसलों पर चर्चा की। सूत्रों का दावा है कि पार्टी इन बयानों से नाराज है और सभी नेताओं को पार्टी फोरम में अपनी बात रखने का सख्त संदेश जारी हुआ। लेकिन इसी बीच पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक फोटो सामने आ गई जिसमें वे सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात करते हुए दिखे और कई अहम बिंदुओं पर चर्चा करने का दावा किया गया। त्रिवेंद्र की इस मुलाकात को भी उसी प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
अंदरखाने बड़े नेताओं के बीच द्वंद जारी
ये पहली बार नहीं है जब त्रिवेंद्र की इस तरह नड्डा से मुलाकात हुई है। इससे पहले भी त्रिवेंद्र पीएम नरेंद्र मोदी से मिले थे। उस समय अंकिता केस, यूकेएसएसएससी पेपर घोटाले से लेकर कई बड़े मुद्दे उत्तराखंड के चर्चे का विषय बने हुए थे। जिस तरह से बीते दिनों से अचानक प्रदेश संगठन से लेकर दिल्ली हाईकमान तक प्रदेश की सियासत को लेकर अलर्ट है। उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड की सियासत में अंदरखाने बड़े नेताओं के बीच द्वंद जारी है। इस खींचतान का असर आने वाले दिनों में प्रदेश की सियासत में भी देखने को मिल सकता है।












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