Uttarakhand: टनल के अंदर से आ सकती है बड़ी खबर, जानिए कहां तक पहुंचा पाइप, कितने घंटे का है इंतजार?
उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में 17 दिन से फंसे श्रमिकों को जल्द ही राहत मिल सकती है। जिस तरह रेस्क्यू अभियान में अचानक तेजी देखी जा रही है। उससे उम्मीद लगाई जा रही है कि आज या कल तक इस अभियान को पूरा कर लिया जाएगा। ऐसे में एक बार सभी टीमें दोबारा उत्साहित नजर आ रहे हैं।

परिजनों की भी धड़कनें बढ़ी हुई हैं। साथ ही सिलक्यारा में एक बार फिर तेजी से माहौल बदलता हुआ नजर आ रहा है। इस बीच पुलिस और 108 एम्बुलेंस इमरजेंसी सर्विस को फिर से अलर्ट मोड पर डाला गया है। सभी को अब ये उम्मीद है कि आज या ज्यादा से ज्यादा कल तक इस अभियान को पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।
इस अभियान में पहले ही दिन से लगातार कुछ न कुछ अड़चनें सामने आ रहीं हैं। आज 17वें दिन भी इस उम्मीद के साथ रेस्क्यू टीमें और एजेंसियां युद्ध स्तर पर तेजी से काम कर रही हैं, कि जल्द ही पाइप को अंदर फंसे 41 मजदूरों तक पहुंचाया जा सके और किसी तरह सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा पहुंचकर अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रणनीति में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि 50 मीटर से ज्यादा 800 एमएम के पाइप अंदर पुश हो चुके हैं। साथ ही मैनुअली खुदाई की जा रही है।
सुरंग के अंदर मैनुअली ड्रिलिंग कर मजदूरों को बाहर निकालने का काम जारी है। एस्कैप टनल के लिए 57 मीटर तक ड्रिलिंग होनी है। जिसके बाद एनडीआरएफ मजदूरों को बाहर निकालने के लिए मोर्चा संभालेगी। सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू अभियान के लिए दूसरे विकल्प पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
जिस तरह लगातार होरिजेंटल ड्रिलिंग में अड़चनें सामने आ रही थी, उसके बाद सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग भी शुरू की गई। जो कि अब तक 40 मीटर तक हो गई है। वहीं सुरंग के अंदर मैन्युअल ड्रिलिंग भी पांच मीटर तक पूरी कर ली गई है। वर्टिकल ड्रिलिंग अभी 46 मीटर और शेष है। वहीं मैन्युअल ड्रिलिंग सात मीटर और होना बाकी है। कोई अड़चन नहीं आई तो रेस्क्यू ऑपरेशन आज पूरा हो सकता है।












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