Bhagat singh koshyari का 5 दिवसीय उत्तराखंड प्रवास, मिशन 2024 या कुछ और तलाश !
Uttarakhand भगत कोश्यारी 5 दिनों के उत्तराखंड प्रवास पर रहे
उत्तराखंड के पूर्व सीएम और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी 5 दिनों के उत्तराखंड प्रवास पर रहे, जिससे प्रदेश का सियासी पारा एक बार फिर बढ़ गया है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए भगतदा का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है। भगत सिंह कोश्यारी ने इस दौरान गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक दौरा करने के साथ ही बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की है। कोश्यारी के इस दौरे के पीछे धामी सरकार का फीडबैक और लोकसभा चुनाव से पहले पांचों सीटों के समीकरण भी समझना माना जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों के घरों में जाकर मुलाकात की
सियासी गलियारों में कोश्यारी के उत्तराखंड दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। भगत सिंह कोश्यारी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्रियों बीसी खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। खास बात ये रही कि कोश्यारी ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के घरों में जाकर मुलाकात की। इन मुलाकातों के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही कोश्यारी की मंत्री गणेश जोशी और निर्दलीय विधायक उमेश कुमार से मुलाकात भी खास चर्चा में है।

कोश्यारी की उत्तराखंड के दिग्गजों से मुलाकात काफी अहम
सियासी जानकारों की मानें तो कोश्यारी की उत्तराखंड के दिग्गजों से मुलाकात काफी अहम है। उत्तराखंड के वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत का कहना है कि कोश्यारी जी का उत्तराखंड की सक्रिय राजनीति में अहम रोल माना जाता है। कोश्यारी का उत्तराखंड में 5 दिन का प्रवास के दौरान सभी सीनियर से लेकर हर कार्यकर्ता से मुलाकात के मायने खास है। साफ है कि उत्तराखंड की राजनीति में कुछ पक रहा है।

महाराष्ट्र सदन में भी कोश्यारी से मुलाकात हुई थी
इतना ही नहीं बीते दिनों सीएम धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंन्द्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत की दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में भी कोश्यारी जी से मुलाकात हुई थी। जिसके बाद कोश्यारी का नागपुर दौरा भी हुआ। पहले दिल्ली में बड़े नेताओं से मुलाकात उसके बाद देहरादून से लेकर तराई और कुमाऊं में विधायक, कार्यकर्ताओं से मिलना कहीं न कहीें बड़े सियासी घटनाक्रम की आहट सुनाई दे रही है।

कोश्यारी उत्तराखंड बनने से लेकर अब तक अहम भूमिका निभाते आ रहे
भगत सिंह कोश्यारी भले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल की कुर्सी संभाल रहे हैं लेकिन समय-समय पर उत्तराखंड की सियासत में कोश्यारी की सक्रियता देखने को मिलती है। कोश्यारी उत्तराखंड बनने से लेकर अब तक सियासी घटनाक्रम में अहम भूमिका निभाते आ रहे हैं। कोश्यारी उत्तराखंड के दूसरे सीएम रहे, जिन्होंने 123 दिन तक सीएम की कुर्सी संभाली। नित्यानंद स्वामी सरकार में कोश्यारी ऊर्जा, सिंचाई, कानून और विधायी मामलों के मंत्री रहे। 2002 से 2007 तक कोश्यारी विधानसभा में नेता विपक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्होंने 2007 से 2009 तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।

त्रिवेंद्र रावत और पुष्कर सिंह धामी, कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं
2008 से 2014 तक वे उत्तराखंड से राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे। 2014 में बीजेपी ने नैनीताल सीट संसदीय सीट से उन्हें मैदान में उतारा और वह जीतकर पहली बार लोकसभा सदस्य चुने गए। 31 अगस्त 2019 को भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया। जो कि अभी तक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। कोश्यारी महाराष्ट्र के राज्यपाल बनने के बाद भी प्रदेश की सियासत में सक्रिय रहे हैं। 2017 में त्रिवेंद्र सिंह रावत को सीएम बनाने और बाद में पुष्कर सिंह धामी को कुर्सी दिलाने में कोश्यारी की अहम भूमिका मानी जाती है। त्रिवेंद्र रावत और पुष्कर सिंह धामी, कोश्यारी के करीबी माने जाते हैं।












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