चुनाव से पहले नौकरशाही में फेरबदल बना सियासी मुद्दा, सेटिंग—गेटिंग में जुटे विधायक, मंत्री
अधिकारी, नौकरशाही में फेरबदल बना सियासी मुद्दा
देहरादून, 7 जनवरी।उत्तराखंड में कुछ ही दिनों में आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में राज्य सरकार अपने सभी कामों को पूरा करने में जुटी है। इधर अधिकारियों और नौकरशाही में बड़े स्तर पर फेरबदल जारी है। जिससे एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। पिछले दिनों आबकारी विभाग में तबादले को लेकर मंत्री की सिफारिश चिट्टी ने खासा सुर्खियां बटोरी। खास बात ये है कि मंत्री की सिफारिश के बाद तबादला हो भी गया। वो भी आबकारी महकमे में। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने आरोप लगाया है कि आचार संहिता लगने से कुछ समय पहले कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्व में घटोतरी करना या फेर बदल करना समझ से परे है और यह सामान्य नहीं है बड़ा असामान्य सा मामला है कि जिसमें आबकारी जैसे विभाग का दायित्व ऐसे अधिकारी को सौंपा गया है।

हरदा का आरोप,अदला-बदलियां सत्ता की नियति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं
हरीश रावत का आरोप है कि शायद सत्ता उनसे काम लेने में सहूलियत समझती हो और काम का अर्थ तो आप बहुत भली प्रकार जानते हैं। ये आचार संहिता लगने से पहले इस तरीके के परिवर्तन या इस तरीके के कुछ अदला-बदलियां सत्ता की नियति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। हरीश रावत के आरोप गंभीर है। लेकिन चुनाव से पहले इस तरह अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हर सरकार की कोशिश रहती है। जिससे चुनाव में इसका कुछ न कुछ राजनीतिक लाभ लिया जा सके। हाल ही में हरिद्वार ग्रामीण के विधायक और कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद का एक कथित लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जो कि काफी सुर्खियों में रहा। लेटर में कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने अपने जिले में जिला आबकारी अधिकारी को ट्रांसफर करने की सिफारिश कर डाली। मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद अपने लेटर पैड पर लिखे पत्र में बकायदा एक आबकारी अधिकारी को हरिद्वार का जिला आबकारी अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा। ये पत्र उत्तराखंड आबकारी विभाग के सचिव को लिखा गया। जिस अधिकारी की सिफारिश की गई उनका नाम अशोक कुमार मिश्रा है और वे फिलहाल उधमसिंह नगर में सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन के पद पर थे। खास बात ये है कि मंत्री के सिफारिश के बाद अधिकारी को नई तैनाती भी मिल गई। साफ है कि राज्य सरकार चुनाव से पहले विधायकों और मंत्रियों के हिसाब से तबादलों की लिस्ट जारी करने में जुटी है।
चुनावी रैलियों पर कोविड का साया
कोविड संक्रमण की बढ़ती रफ्तार की वजह से उत्तराखंड के चुनाव पर भी असर दिखना शुरु हो गया है। सबसे पहले कांग्रेस ने अपनी बड़ी रैलियों को स्थगित कर दिया है। प्रियंका गांधी की 9 जनवरी को होने वाली रैलियां स्थगित कर दी गई हैं। जो कि श्रीनगर और अल्मोड़ा में आयोजित होनी थी। हालांकि प्रदेश स्तर के नेता चुनावी सभा को संबोधित करने में जुटे हैं। भाजपा की ओर से 6 जनवरी को उत्तरकाशी में विजय संकल्प रैली का समापन हुआ जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की। भाजपा की इस रैली में हजारों की संख्या में लोग जुटे। लेकिन आने वाले दिनों में अब राजनैतिक दल वुर्चअल रैलियों पर जोर देने की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कोविड का चुनाव पर असर दिखना तय है।












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