'स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन' बनेगा बदरीनाथ धाम, कोल इंडिया खर्च करेगा 19 करोड़
देहरादून। बदरीनाथ धाम को स्मार्ट स्प्रिचुअल हिल टाउन बनाने के लिए श्री केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एक करार किया है। बदरीनाथ धाम में होने वाले विकास कार्यों पर कोल इंडिया की ओर 19 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी। मंगलवार को श्री केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर साइन करने की औपचारिकता पूरी की।

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद मुख्यालय में मंगलवार को श्री केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट (केयूसीटी) की ओर से पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर और कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से निदेशक एसएन तिवारी ने समझौता ज्ञापन पर साइन किए। एमओयू के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी पहल के तहत राशि दी जा रही है। इस राशि का उपयोग बदरीनाथ में सड़क निर्माण कार्यों के लिए किया जाएगा।
पर्यटन सचिव ने कहा कि हम बद्रीनाथ को आध्यात्मिक स्मार्ट हिल टाउन के रूप में विकसित करने को प्रतिबद्ध हैं। बता दें कि, धामों के विकास को लेकर विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयां (पीएसयू) ट्रस्ट को कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) मद में सहयोग कर रही हैं। बदरीनाथ धाम को 'स्मार्ट स्प्रिचुअल हिलटाउन' के रूप में विकसित करने इससे पहले पावर ग्रिड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के बीच एमओयू हो चुका है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही धामों के विकास कार्यों के लिए पर्यटन विभाग टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स (टीएचडीसी), तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी), और नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के साथ 245 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर करने जा रहा है। बदरीनाथ नर और नारायण पर्वत के बीच स्थित प्रमुख चारधामों में से है। हर साल बदरीनाथ धाम में 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती हुई संख्या व सीमित संसाधनों को देखते हुए अब इस पवित्र धाम की क्षमता को बढ़ाने के लिए धाम को मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जा रहा है।
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