Badrinath dham: यात्रा करने से पहले जान लें ये बातें, इस बार क्या बदले नियम,नहीं होगी परेशानी

बैकुंठ धाम बदरीनाथ के धाम आज सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल गए। इसके साथ ही अब विधिवत चार धाम यात्रा का संचालन हो गया है। शुक्रवार को अक्षय तृतीया पर केदारनाथ, यमुनोत्री व गंगोत्री के कपाट खुल गए थे।

आज बदरीनाथ के ​कपाट खुलते ही चार धाम का संचालन होने लगा है। इस बार श्रद्धालुओं में पिछले साल से भी ज्यादा उत्साह नजर आ रहा है। ऐसे में यात्रियों से पूरा अपडेट लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। इस बार बदरीनाथ धाम में बहुत कुछ बदला हुआ नजर आएगा।

Badrinath Dham Know these things before travelling what rules changed this time will be no problem

सबसे पहले पंजीकरण अनिवार्य है। उसके बाद पहली बार टोकन सिस्टम से ही दर्शन होंगे। कतार में लगने से कोई फायदा नहीं है। पंजीकरण दिखाकर ​टोकन ​मिलेगी। इसके बाद तय समय में ही दर्शन् हो सकेंगे। बदरीनाथ धाम में पहुंचने पर तीर्थयात्रियों को सबसे पहले पर्यटन विभाग की ओर से बनाए गए रजिस्ट्रेशन काउंटर में अपना रजिस्ट्रेशन पत्र दिखाना होगा।

इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन नंबर क्यूआर कोड से स्कैन करने के बाद तीर्थ यात्रियों को एक टोकन दिया जाएगा। जिसमें बदरीनाथ दर्शन का समय अंकित होगा। तीर्थयात्री उसी निर्धारित समय पर मंदिर में प्रवेश कर दर्शन कर सकते हैं। ये व्यवस्था पंजीकरण की संख्या और भक्तों में उत्साह को देखकर ही शुरू की गई है। जिससे यात्रियों में किसी तरह की भगदड़ की स्थिति न हो।

विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज शुभ मुहूर्त पर प्रातः 6ः00 बजे पूरे विधि विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। हजारों भक्त इस पावन पल के साक्षी बने। बदरीनाथ कपाट खुलने के मौके पर विशेष पूजा अर्चना की गई।

श्री बदरीनाथ धाम में ब्रह्म बेला पर सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। हल्की बारिश के बीच आर्मी बैंड की मधुर धुन एवं ढ़ोल नगाड़े की थाप और स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत और नृत्य के साथ भगवान बद्री विशाल की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ कुबेर जी, श्री उद्धव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया।

इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बदरीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की।

इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बदरीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाट खुलने के पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ में अखण्ड ज्योति एवं भगवान श्री बदरीनाथ के दर्शनों का पुण्य अर्जित किया। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया था।

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