उत्तराखंड में ​अरविंद केजरीवाल ने एक तीर से लगाए तीन निशाने, जानिए क्या है मामला

उत्‍तराखंड में सरकार आने पर तीर्थ योजना चलाने का किया है वादा

देहरादून, 22 नवंबर। उत्तराखंड में पहली बार चुनावी मैदान में उतर चुके आम आदमी पार्टी के चुनावी विजन से विपक्ष मुश्किल में पड़ गया है। आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक कार्ड से कई समीकरण साधने की कोशिश की है। पहले हिंदुत्व का मुद्दा उठाने के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने तीर्थ योजना के कार्ड से 3 दांव चल दिए हैं। केजरीवाल ने आप की सरकार आने पर हिंदुओं को अयोध्‍या, मुस्लिमों को अजमेर शरीफ और सिखों के लिए करतारपुर साहिब के लिए फ्री में दर्शन कराने का वादा किया हैा

तीर्थ योजना से साधे कई निशाने

तीर्थ योजना से साधे कई निशाने

रविवार को आप के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हरिद्वार दौरे पर रहे। अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में सरकार आने पर तीर्थ योजना चलाने का ऐलान किया। केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड में आप की अगर सरकार बनी तो हिंदुओं को अयोध्या का फ्री में दर्शन कराएंगे. एसी ट्रेन चलाई जाएगी और आराम से भगवान श्रीराम का दर्शन कर सकेंगे. अल्पसंख्यकों के लिए अजमेर शरीफ के लिए प्लान बनाएंगे और सिख भाइयों के लिए करतारपुर साहिब के लिए फ्री में दर्शन कराया जाएगा। इस तरह से केजरीवाल ने एक योजना से कई दांव चले हैं। हरिद्वार में तीर्थ योजना का ऐलान कर केजरीवाल ने हरिद्वार ही नहीं उत्तराखंड के कई विधानसभाओं को साधने की कोशिश की है। जिसमें पहाड़ी, मैदानी और तराई क्षेत्र के अलावा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र भी शामिल हैं। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में तीर्थ योजना के तहत दिल्ली के लोगों को फ्री में 12 स्थानों पर बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराते हैं, जिसमें एसी ट्रेन के जरिए तीर्थ यात्रा कराते हैं सब फ्री होता है।

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    हर बार चुनावी करंट दे जाते हैं केजरीवाल

    हर बार चुनावी करंट दे जाते हैं केजरीवाल

    ये पहली बार नहीं है जब अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में आकर विपक्ष की मुश्किलें खड़ी नहीं की है। इससे पहले अ​रविंद केजरीवाल उत्तराखंड में मुफ्त बिजली का करंट लगा चुके हैं। इसके साथ ही केजरीवाल ने उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी घोषित करने का भी ऐलान कर​ हिंदुत्व कार्ड खेला है। साथ ही रोजगार गारंटी कार्ड के तहत युवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है। केजरीवाल हर बार उत्तराखंड आने से पहले पूरा होमवर्क करते हैं। जिसके बाद वे घोषणा कर उत्तराखंड में सियासी पारा चढ़ा देते हैं।

    भाजपा की बढ़ाई मुश्किलें

    भाजपा की बढ़ाई मुश्किलें

    हरिद्वार में चुनावी दांव खेलकर केजरीवाल ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा मुश्किल प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को नजर आ रही है। जो कि केजरीवाल की घोषणा के बाद तुरंत एक्टिव हो गए। साथ ही केजरीवाल को घेरने लगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने हमेशा ही देश विरोधी तत्वों के सुर में सुर मिलाने और तुष्टीकरण की राजनीति की है और अब चुनाव से ठीक पहले वह उत्तराखंड में जिस तरह घोषणाएं कर रहे हैं उसका उनको कोई लाभ नहीं होने वाला है,क्योंकि वह विश्वास खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज आध्यात्मिक तीर्थ की बात करने वाले केजरीवाल हमेशा राम मंदिर के विरोधियों के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अचानक उनका सनातन में आस्था और भक्ति में विश्वास का जाग्रित होना चुनावी महत्वाकांक्षा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सैन्य बहुल उतराखंड के लोग उनके सर्जिकलस्ट्राइक में सुबूत मांगने और देश द्रोहियो की पैरोकारी करने से भी व्यथित हैं। कोरोना काल में भी वह उत्तराखंड के कोटे के ऑक्सीजन सिलेण्ड़र और जरुरी दवाओ के कोटे को भी कालाबाजारी के लिए डंप कर चुके हैं और अदालत को भी गुमराह कर चुके हैं। केजरीवाल के अस्पतालों को लेकर झूठे दावो की पोल कोरोना के समय खुल चुकी हैं। पराली को लेकर घोटाला भी सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि पहले केजरीवाल को दिल्ली की स्थिति को व्यवस्थित करना चाहिए,क्योंकि दिल्ली बरसात में पानी का कटोरा बन जाता है और अब प्रदूषण के चलते वहां पर सांस लेना मुश्किल हो गया है। झूठी और झांसा देने की राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती,क्योंकि केजरीवाल जनता का विश्वास खो चुके हैं। अस्तित्व की तलाश में वह अब लगातार घोषणाएं कर रहे हैं जिनका कोई अर्थ नहीं है और न ही लोगो को उन पर विश्वास है।

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