Ankita case : क्राइम सीन रिक्रिएशन के बाद अब VIP का पता लगाएगी SIT, आरोपियों से पूछताछ में मिले कई 'राज'
अंकिता हत्याकांड में एसआईटी अब वीआईपी की तलाश में जुटी
देहरादून, 3 अक्टूबर। अंकिता हत्याकांड में आरोपियों की तीन दिन की रिमांड पूरी हो चुकी है। इस दौरान एसआईटी ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर अहम सवालों के जबाव तलाशने की कोशिश की है। साथ ही क्राइम सीन रिक्रिएट कर सच सामने लाने की कोशिश की है। इसके साथ ही पटवारी के सामने भी आरोपियों से सवाल जवाब करने की बात सामने आई है। अब एसआईटी वीआईपी की तलाश में जुट गई है। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम यही सवाल है कि आखिर अंकिता अपने दोस्त के साथ चौट में जिस वीआईपी का जिक्र कर रही थी। आखिर वो वीआईपी था कौन। लेकिन एसआईटी के लिए इस सवाल का जवाब तलाशना आसान नहीं होगा।

रिमांड रविवार को खत्म हो गई
अंकिता हत्याकांड में आरोपी पुलकित आर्य, अंकित और सौरभ भास्कर की रिमांड शुक्रवार को मिली थी, जो रविवार को खत्म हो गई। एसआईटी का दावा है कि इस दौरान आरोपियों से पूछताछ और साक्ष्य जुटाए गए हैं। एसआईटी का दावा है कि इस दौरान कई अहम साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी ने आरोपियों को क्राइम सीन पर ले जाकर सीन रिक्रिएट किया गया। जिस दौरान एसआईटी को कई अहम इलेक्ट्रानिक साक्ष्य हाथ लगे हैं।

अब पुलिस को वीआईपी एंगल पर जांच करनी है
एसआईटी के अनुसार अब तक जो साक्ष्य मिले हैं, वो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का समर्थन करते हैं। एसआईटी ने केस से जुड़े सभी अहम गवाहों अंकिता के दोस्त, रिजॉर्ट के कर्मचारियों और पुराने स्टाफ के भी बयान दर्ज कर लिए हैं। अब पुलिस को वीआईपी एंगल पर जांच करनी है। कि आखिर अंकिता पर किस चीज के लिए दबाव बनाया जा रहा था। जिस वजह से ये पूरा घटनाक्रम होने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने स्टाफ भी अपने बयानों में इस तरह के दावे कर चुके हैं।

पुलिस कैसे वीआईपी तक पहुंचेगी
अंकिता केस में पुलिस के लिए सबसे अहम है वीआईपी का पता लगाना कि आखिर पुलकित किस वीआईपी के लिए स्पेशल सर्विस देने की बात कर रहा था। अंकिता के चैट और पुराने कर्मचारियों के बयानों से ये बात साफ हो चुकी है, कि रिजॉर्ट में अनैतिक काम भी हो रहे थे। साथ ही ये भी बात सामने आ रही है कि वीआईपी मेहमानों की रजिस्टर में किसी तरह की एंट्री नहीं होती है। ऐसे में पुलिस कैसे वीआईपी तक पहुंचेगी। ये बड़ा सवाल है।

वनंतरा रिजॉर्ट में वीआईपी के लिए स्पेशल सुइट रिजर्व किए जाते थे
इधर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो वनंतरा रिजॉर्ट में ऐसे वीआईपी के लिए स्पेशल सुइट रिजर्व किए गए थे। जिनकी रजिस्टर में किसी तरह की कोई एंट्री नहीं होती थी। वीआईपी मेहमानों की पोल खोलने के लिए पुलकित का मोबाइल ही पुलिस के लिए अहम साक्ष्य साबित हो सकता है। हालांकि अब तक ये साफ नहीं हुआ है कि पुलकित का मोबाइल कहां गायब है। अब तक आरोपियों की कहानी के हिसाब अंकिता ने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया था।

पुलिस पर वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने का दबाव
हाल ही में पुलिस के हाथ एक मोबाइल लगा है कि जो कि साफ नहीं हुआ है कि किसका है। पुलिस की टैक्निकल टीम इस मोबाइल के बारे में जानकारी जुटानी में लगी है। पुलिस के पास अब तक वीआईपी एंगल पर जांच के नाम पर कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। ऐसे में वीआईपी का नाम पुलिस कैसे सामने लाती है। ये बड़ा सवाल है, पुलिस पर वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने का दबाव बना हुआ है। जिसको लेकर राजनीति भी जमकर हो रही है।












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