Ankita Bhandari case :वीआईपी की पहचान करने के लिए पुलिस ने तैयार किया ये प्लान, इस टेस्ट से आएगा सच सामने
अंकिता भंडारी के केस में पुलिस ने आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने के लिए अर्जी दी थी। तीनों आरोपियों में से पुलकित और सौरभ ने नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। जबकि, तीसरे आरोपी अंकित ने 10 दिन का समय मांगा है।

अंकिता भंडारी केस में ढ़ाई माह बाद भी वीआईपी के नाम का पर्दा नहीं उठ पाया है। ऐसे में पुलिस अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने जा रही है। तीनों आरोपियों में से पुलकित और सौरभ ने नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। जबकि, तीसरे आरोपी अंकित ने 10 दिन का समय मांगा है। नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट पर न्यायालय अब 22 दिसंबर को सुनवाई करेगा।
पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट में से पहले किसी एक टेस्ट को ही मंजूरी
उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी के केस में वीआईपी अब भी बड़ी पहेली बना हुआ है। जिसको लेकर विपक्ष और आंदोलनकारी लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इस बीच पुलिस ने इस मामले में आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने के लिए अर्जी दी थी। हालांकि बताया जा रहा है कि पॉलीग्राफ टेस्ट और नार्को टेस्ट में से पहले किसी एक टेस्ट को ही मंजूरी दी जाएगी। तीनों आरोपियों में से पुलकित और सौरभ ने नार्को टेस्ट के लिए सहमति दे दी है। जबकि, तीसरे आरोपी अंकित ने 10 दिन का समय मांगा है। ये पूरी कार्रवाई वीडियोग्राफी के तहत की जाएगी।
चार्जशीट लगभग तैयार
इस बीच ये भी दावा किया जा रहा है कि अंकिता हत्याकांड में चार्जशीट लगभग तैयार हो चुकी है। तीन से चार दिन के भीतर एसआईटी तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। पॉलीग्राफ या नार्को टेस्ट में जो आएगा उसे रिपोर्ट में अलग से दाखिल किया जाएगा।
पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को टेस्ट अंतर
पॉलीग्राफ टेस्ट में खास उपकरणों के माध्यम से झूठ-सच का पता आरोपी की दिल की धड़कन, बीपी, पसीना और अन्य शारीरिक प्रतिक्रियाओं से लगाया जाता है। जबकि नार्को टेस्ट में खास तरह ही दवा देकर आरोपी को अचेतन अवस्था में पहुंचाकर सवालों के जवाब मांगे जाते हैं। यह सब विशेषज्ञों और डॉक्टरों की देखरेख में होता है।
ये है पूरा मामला
वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्सनिष्ट अंकिता 18 सितंबर से लापता हुई थी, अंकिता भंडारी का शव 24 सितंबर की सुबह ऋषिकेश में चीला नहर से मिला था। इस मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, रिसॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और पुलकित गुप्ता के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगाया था। लेकिन अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई है। अंकिता मर्डर में रिसॉर्ट में आने वाले कुछ वीआईपी मेहमानों के लिए स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाने की बात सामने आ चुकी है। जिसके बाद से पुलिस पर वीआईपी का नाम उजागर करने का दबाव है। जिसके लिए पुलिस नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट की मदद ली जा रही है। हालांकि अंकिता के परिजन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जा चुका है।












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