Ankita bhandari case: एक माह बाद कहां पहुंची जांच, नहीं हुई चार्जशीट दाखिल, जानिए क्यों हो रही देरी ?
Ankita Case- एक माह गुजर जाने के बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं
अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब सबको एसआईटी की चार्जशीट दाखिल करने का इंतजार है। इस केस में सबसे अहम चार्जशीट को ही माना जा रहा है। हालांकि हत्याकांड के एक माह गुजर जाने के बाद भी अब तक इस मामले में एसआईटी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। जिसको लेकर लगातार लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। हालांकि अंकिता हत्याकांड मामले में एसआईटी टीम का नेतृत्व कर रही डीआईजी एलओ पी रेणुका देवी का कहना है कि जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी कि कुछ फारेंसिक एविडेंस की रिपोर्ट का इंतजार है।

24 सितंबर को एसआईटी का गठन किया था
18 सितंबर को अंकिता हत्याकांड मामले में एक महीना बीत जाने के बाद भी एसआईटी टीम मामले में चार्जशीट को कोर्ट के सामने पेश नही कर पाई है। अंकिता केस को फास्ट ट्रेक में ले जाने और जांच को जल्द से जल्द करने के लिए धामी सरकार ने 24 सितंबर को एसआईटी का गठन किया था। टीम का नेतृत्व डीआईजी एलओ पी रेणुका देवी कर रही हैं। अब तक पूरे मामले में 6 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज करवाएं हैं और साथ ही 30 अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। एसआईटी पर जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने का दबाव है। लेकिन पुख्ता सबूतों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अभाव में एसआईटी चार्जशीट करने में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाना चाह रही है। हालांकि इस मामले में राजनीतिक दबाब के साथ ही पब्लिक का भी प्रेशर बना हुआ है।
18 सितम्बर को अंकिता की हत्या, 24 सितंबर को अंकिता का शव चिला बरामद हुआ
पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्सनिष्ट जॉब करने आई थी। लेकिन 18 सितम्बर को अंकिता की हत्या हो गई। 19 सितम्बर को राजस्व पुलिस में आरोपी पुलकित ने अंकिता की गुमशुदगी का केस दर्ज कराया। 23 सितंबर को थाना लक्ष्मण झुला में अंकिता की गुमशुदगी का केस दर्ज हुआ और पुलिस ने पुलकित समेत 3 आरोपियों को अरेस्ट कर जेल भेजा। 24 सितंबर को आरोपियों की निशानदेही पर अंकिता का शव चिला डैम से बरामद हुआ। 24 को अंकिता का एम्स अस्पताल पोस्टमार्टम हुआ।
25 सितंबर को कई विरोध के बाद देर शाम अंकिता का अंतिम संस्कार हुआ। सरकार ने पूरे मामले कि जांच के लिए एसआईटी गठित की। 26 को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलीं। अंकिता केस में अब तक वनंतरा रिजॉर्ट के अवैध तरीके से संचालन की बात सामने आई है। साथ ही रिजॉर्ट में अनैतिक देह व्यापार और अंकिता पर स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। पौड़ी जिले की नवनियुक्त एसएसपी श्वेता चौबे ने जिले की कमान संभालते ही अंकिता हत्याकांड मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी पुलकित आर्या और उसके साथी सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जिसके बाद अब आरोपियों की जमानत आसान नहीं है।
जल्द ही चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए। जिससे केस मजबूती से लड़ा जाए
एडवोकेट और समाजसेवी सुनीता प्रकाश का कहना है कि अंकिता केस पर उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश की नजर टिकी है ऐसे में एसआईटी को जल्द ही चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए। जिससे केस मजबूती से लड़ा जाए।
जब पुलिस किसी मामले में कोर्ट जाती है तो उसको पूरी रिपोर्ट पेश करनी होती है जिसमे सबंधित अपराध की छोटी से बड़ी हर बात लिखी होती है, उस रिपोर्ट में पुलिस द्वारा अपराध सबंधी सारी जानकारी डिटेल में दी जाती है। इसे ही पुलिस चालान या पुलिस चार्जशीट कहा जाता है। इस चालान को आरोप पत्र या पुलिस जाँच रिपोर्ट भी कहा जाता है। पुलिस को 60 से 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी ही होती है।
जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी कि कुछ फारेंसिक एविडेंस की रिपोर्ट का इंतजार है।- पी रेणुका देवी, डीआईजी एलओ












Click it and Unblock the Notifications