विभागों के बंटवारे के बाद अब नौकरशाही का नंबर, पहले ही सख्त संकेत दे चुके हैं सीएम धामी
अब नौकरशाही में भी बड़ा फेरबदल होने के संकेत
देहरादून, 31 मार्च। उत्तराखंड में अब धामी सरकार अस्तित्व में आने के बाद विकास कार्य पर फोकस करने में जुट गई है। इसके लिए सबसे पहले मंत्रियों के विभागों के बंटवारे कर दिए गए हैं और अब नौकरशाही में भी बड़ा फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। धामी-1 कार्यकाल में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है। साथ ही नए अधिकारियों की टीम तैयार करने में जुट गए हैं। जो कि जल्द ही धरातल पर नजर भी आने वाली है।

काम में हीलाहवाली पर ले चुके हैं एक्शन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी दूसरी पारी शुरू करते ही अधिकारियों को सख्त चेतावनी दे डाली है कि काम में हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्सा जाएगा। हार के बाद सीएम बनाने के पीछे धामी की कार्यशैली और काम करने का तरीका माना जा रहा है। नौकरशाही को लेकर भी धामी का रुख साफ ही रहता है। ऐसे में दूसरी पारी शुरू करते ही धामी ने साफ कर दिया कि उनके और पीएम मोदी की योजनाओं को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने चुनाव से पहले अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 10वीं व 12वीं के छात्रों से लेकर डिग्री कॉलेजों के छात्रों को मुफ्त टैबलेट देने की योजना लांच की। इसके लिए छात्रों के खातों में सीधे धनराशि डालने को कहा गया। लेकिन कुर्सी संभालते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले माध्यमिक शिक्षा निदेशक पद से सीमा जौनसारी को हटा दिया। यह जिम्मेदारी आरके कुंवर को दोबारा सौंपी गई है। सीमा जौनसारी को कुंवर की जगह अकादमिक, प्रशिक्षण एवं शोध निदेशक के पद पर भेजा गया है। सीमा जौनसारी को हटाने के पीछे टैबलेट योजना का पैसा बच्चों के खातों में न पहुंचना बताया गया। साथ ही ये बात सामने आई है कि पैसा स्कूलों के प्रधानाचार्यों के होते हुए बच्चों तक पहुंच रहे हैं। जिसके बाद ये कार्रवाई हुई।
अधिकारियों में लगातार कर रहे बदलाव
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने अपने आवास, कार्यालय में अधिकारियों में फेरबदल भी किया। वरिष्ठ प्रमुख निजी कृष्ण कुमार मदान को वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आवास से मुख्यमंत्री कार्यालय विधानसभा, भूपेंद्र सिंह बसेड़ा वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय से मुख्यमंत्री कार्यालय आवास, प्रकाश चंद उपाध्याय प्रमुख निजी सचिव माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय आवास से मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय तैनाती दी गई। अब मंत्रियों के विभागों के बंटते ही सचिव स्तर पर भारी फेरबदल होना तय है। इसके लिए मंत्री भी अपने सचिवों को अपने साथ एडजस्ट करने की कोशिश में जुट गए हैं। साथ ही पहले से ही विभागों में जमे सचिव मंत्रियों के आवास और कार्यालय के चक्कर लगाने में जुट गए हैं। ऐसे में जल्द ही मुख्यमंत्री के नौकरशाही से लेकर विभाग स्तर पर बड़ा फेरबदल होने के संकेत मिलने लगे हैं। इधर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के मंत्रियों को सीआर का अधिकार देने की मांग पर सभी कैबिनेट मंत्रियों में एकजुटता नजर आ रही है। जिसको लेकर एक बार फिर नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है। कैबिनेट मंत्रियों की मांग पर मुख्यमंत्री क्या फैसला लेते हैं। इस पर भी सभी नौकरशाही की नजर लगी है। लेकिन ये तय है कि आने वाले दिनों में सचिवालय में अधिकारियों के कार्य क्षेत्र में भारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।












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