उत्तराखंड में कांग्रेस के अंदर डैमेज कंट्रोल के बाद अब मिशन हाईकमान, जानिए नाराज विधायकों की क्या है रणनीति
नाराज विधायकों की औपचारिक बैठक और भोज की तस्वीर आई सामने
देहरादून, 16 अप्रैल। उत्तराखंड में कांग्रेस के अंदर मचा घमासान काफी हद तक थम गया है। इस बीच कांग्रेस के कुछ विधायक और पूर्व विधायकों की बैठक और भोज की एक तस्वीर जरुर वायरल हुई है। लेकिन इस पूरे प्रकरण में जोर-शोर से नाराज विधायकों का नेतृत्व करने वाले धारचूला विधायक हरीश धामी फिलहाल इन सभी विधायकों से दूरी बनाए हुए है। फिलहाल कांग्रेस को अब 17 और 18 अप्रैल को देहरादून में शक्ति प्रदर्शन का इंतजार है। जब प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अपनी-अपनी कुर्सी संभालेंगे।

17 और 18 अप्रैल को संभालेंगे चार्ज
17 अप्रैल को कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा कांग्रेस भवन में अपना कामकाज संभालेंगे। इसके बाद 18 अप्रैल को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य विधानसभा में कुर्सी संभालेंगे। इन दोनों कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव भी शिरकत करेंगे। ऐसे में सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नाराज विधायक इन कार्यक्रम में शामिल होते हैं या फिर दूरी बनाकर अपना विरोध जताएंगे। हालांकि कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि पार्टी में अब किसी तरह का विरोध नहीं हैं। कई दिनों से नाराज विधायकों की बैठक को लेकर जो खबरें चल रही थी, उन सब पर विराम लग गया है। हालांकि कुछ विधायकों ने भोज का आयोजन कर एकजुटता जरुर दिखाने की कोशिश की।
द्वाराहाट से विधायक मदन सिंह बिष्ट के आवास पर हुई मुलाकात
शुक्रवार को द्वाराहाट से विधायक मदन सिंह बिष्ट के देहरादून स्थित आवास पर विधायकों की बैठक हुई। इस भोज का आयोजन मदन सिंह बिष्ट ने ही किया था। जिसकी फोटो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। भोज में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं चकराता विधायक प्रीतम सिंह, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, नवनियुक्त उपनेता प्रतिपक्ष व खटीमा भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण व राजकुमार बैठक में शामिल हुए। लेकिन इस भोज में हरीश धामी के न पहुंचने से भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैंं। साथ ही बद्रीनाथ के विधायक राजेंद्र भंडारी भी तस्वीर में नजर नहीं आए हैं। लेकिन जिन 10 विधायकों के नाराजगी का जिक्र हो रहा था, उनमें से 3 विधायक ही नजर आए। जिससे साफ है कि कांग्रेस हाईकमान ने डेमेज कंट्रोल कर लिया है।
सोनिया गांधी से मिलने को लेकर हाईकमान पर दबाव बना रहे विधायक
फिलहाल कांग्रेस के लिए ये राहत की खबर है कि पार्टी में टूट नहीं होने जा रही है। लेकिन क्या नाराज विधायक मान गए हैं। ऐसा अभी कहीं से भी नजर नहीं आ रहा है। अब कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि नाराज विधायकों का एक धड़ा सोनिया गांधी से मिलने को लेकर हाईकमान पर दबाव बना रहा है। जिससे एक बार फिर नवनियुक्त अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य एक्टिव हो गए हैं। अब सवाल ये भी उठ रहा है। कांग्रेस के अंदर डेमेज कंट्रोल होने के बाद गुटबाजी पर विराम लगाना अभी आसान नहीं होगा। जब सभी प्रदेश प्रभारी पर जमकर हमलावर हैं तो फिर प्रदेश प्रभारी के देहरादून आने के बाद नाराज विधायक क्या कदम उठाते हैं। ये भी देखना दिलचस्प होगा। लेकिन ये बात तय है कि हरीश धामी अब एकला चलो की राह पर नजर आ रहे हैं, जबकि प्रीतम सिंह नाराज विधायकों के नेता नजर आ रहे हैं।












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