राज्यसभा की सीट के लिए 6 दावेदारों का पैनल होगा तैयार, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र समेत ये दावेदार हैं दौड़ में
उत्तराखंड में राज्यसभा की एक सीट हो रही अगले माह खाली
देहरादून, 9 मई। उत्तराखंड की राज्यसभा में खाली हो रही सीट के लिए भी भाजपा के अंदर दावेदारी तेज हो गई है। भाजपा सूत्रों का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस समय राज्यसभा की एक मात्र सीट के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा महिला दावेदारों पर भी भाजपा के अंदरखाने चर्चा तेज है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि दो सांसद पुरुष हैं तो पार्टी एक महिला को राज्यसभा भेजकर संतुलन बैठा सकती है। ऐसे में भाजपा संगठन जल्द ही पैनल हाईकमान को भेजने की तैयारी में है।

6 नामों का भेजा जाएगा पैनल
चंपावत उपचुनाव के साथ ही राज्यसभा की एक मात्र सीट के लिए भाजपा के अंदरखाने तैयारी चल रही हैं। प्रदेश संगठन 6 नामों का पैनल हाईकमान को भेजेगी। इसमें से हाईकमान एक नाम पर फाइनल मुहर लगाएगा। वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी व नरेश बंसल और एक सीट कांग्रेस से प्रदीप टम्टा राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। प्रदीप टम्टा का कार्यकाल अगले माह पूरा हो जाएगा। वर्तमान में 69 में से भाजपा के 46 विधायक हैं। संख्या बल के हिसाब से भाजपा की जीत तय है। हाईकमान ने प्रदेश संगठन से पैनल भी तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को इसके लिए अधिकृत किया गया है। जो कि प्रदेश स्तर से 6 नामों का पैनल हाईकमान को भेजेंगे।
त्रिवेंद्र सिंह रावत का दावा मजबूत
पार्टी सूत्रों का दावा है कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत इस सीट के लिए सबसे प्रबल दावेदार हैं। मुख्यमंत्री पद से हटने बाद से ही त्रिवेंद्र को बड़ी जिम्मेदारी देने की बात की जा रही है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विधायक का चुनाव भी नहीं लड़ा। इस दौरान उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाने का भी दावा किया गया। लेकिन अब तक हाईकमान ने उनके नाम पर किसी तरह का विचार नहीं किया है। त्रिवेंद्र सिंह रावत को अब राज्यसभा का सबसे उपयुक्त प्रत्याशी बताया जा रहा है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के अलावा सीएम के लिए सीट छोड़ने वाले कैलाश गहतोड़ी की भी चर्चा चल रही है। जिन्हें सीएम के लिए सीट छोड़ने का ईनाम मिल सकता है। हालांकि गहतोड़ी को प्रदेश में किसी तरह के कैबिनेट स्तर की जिम्मेदारी देने के भी चर्चा है। इन तीनों के अलावा महिला दावेदारों के नाम भी प्रमुखता से माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि दो सांसद पुरुष हैं तो पार्टी एक महिला को राज्यसभा भेजकर संतुलन बैठा सकती है। इसमें स्वराज विद्धान और दीप्ति रावत का नाम लिया जा रहा है। जिस तरह से दीप्ति रावत संगठन के कामों में अहम भूमिका निभा रही हैं साथ ही चंपावत की बागडोर भी संभाल रही हैं। ऐसे में महिला दावेदारों में दीप्ति रावत का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है। दीप्ति रावत का विधानसभा चुनाव में डोईवाला से नाम लगभग तय हो गया था। लेकिन अंतिम समय मेंं त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी बृजभूषण गैरोला को टिकट दिया गया है। ऐसे में दीप्ति को राज्यसभा भेजकर पार्टी उन्हें फिर से सम्मान दे सकती है।












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