उत्तराखंड में भाजपा के एक विधायक के दावे से मची खलबली, हरदा बोले—लोकतंत्र के लिए चेतावनी
विधायक का दावा, कांग्रेस के कई प्रत्याशी भाजपा के संपर्क में
देहरादून, 7 मार्च। उत्तराखंड में सत्ता पाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की ओर से अभी से प्रयास शुरू हो गए हैं। मुख्य मुकाबले में दोनों ही दलों के होने की संभावना के बीच दोनों दल एक दूसरे पर जमकर हमलावर भी हैं। इधर भाजपा के एक विधायक के बयान ने सियासी तूफान भी ला दिया है। विधायक ने दावा किया है कि कांग्रेस के कई प्रत्याशी भाजपा के संपर्क में हैं। इस बयान के बाद से सियासी घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधायक के इस बयान और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के देहरादून आने को लेकर लोकतंत्र को लेकर दो-दो चेतावनी जारी की है।

सरकार बनाने को गुणा-भाग में जुटे दल
प्रदेश में विधानसभा के चुनाव भले ही 10 मार्च को आने है।लेकिन सरकार बनाने को लेकर गुणा-भाग अभी से शुरू हो गए हैं। भाजपा, कांग्रेस के रणनीतिकार चुनावी मैदान में अपने-अपने तरीके से दांव पेंच चलने की तैयारी में है। इस बीच भाजपा के कई राष्ट्रीय स्तर के नेता देहरादून पहुंच चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का है। जो कि जोड़ तोड़ के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। विजयवर्गीय के आने से वैसे ही कांग्रेस खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे में भाजपा के बद्रीनाथ के विधायक रहे महेंद्र भट्ट के दावे ने एक नया सियासी तूफान आने के संकेत दे दिए हैं। भट्ट का दावा है कि कांग्रेस के कई प्रत्याशी भाजपा के संपर्क में हैं। जिन्हें जरुरत पड़ने पर पार्टी अपने पाले में ला सकती है। उन्होंने कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड का दावा कर भाजपा की सरकार बनाने का दावा किया है। जिसके बाद से कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है। भाजपा के विधायक के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे शर्मनाक करार दिया है। हरीश रावत ने फेसबुक पर पोस्ट किया है कि
भाजपा के निवर्तमान विधायक की एक सार्वजनिक स्वीकारोक्ति अत्यधिक शर्मनाक है। उन्होंने दावा किया है कि दूसरी पार्टियों के निर्वाचित होने की प्रतीक्षारत उम्मीदवारों से उनकी पार्टी द्वारा संपर्क साध लिया गया है, तो निर्वाचन से पहले ही दलबदल करवाने की यह घोषणा लोकतंत्र के लिए एक बड़ी भारी चेतावनी है।
हरीश रावत ने अपने पोस्ट के जरिए जहां विधायक के बयान को शर्मनाक बताया वहीं कैलाश विजयवर्गीय के उत्तराखंड आने को लेकर तंज भी कसा है। हरीश रावत ने बिना नाम लिए ही विजयवर्गीय को विधायक खरीदो अभियान के सिद्धहस्त भाजपाई नेता कहा है। साथ ही हर जगह अपने अभियान में परास्त होने की भी बात कही है। इस पोस्ट में हरीश रावत ने 2016 की घटना का भी जिक्र किया है। साथ ही लोकतंत्र बचाने को सबको एकजुट होने की बात की है।
पोस्ट में हरदा ने कहा है कि
इतनी ही बड़ी चेतावनी है विधायक खरीदो अभियान के एक सिद्धहस्त भाजपाई नेता का उत्तराखंड आगमन! बंगाल में भी इन्होंने इसी तरीके की खरीद-फरोख्त की, पिटे भी। बिहार में भी इसी तरीके की खरीद-फरोख्त कोशिश की और पिटे भी, हौसला इनका बड़ा 2016 में उत्तराखंड में की गई खरीद-फरोख्त के बाद। अब फिर से ये पुराना शातिर खिलाड़ी उत्तराखंड पहुच चुका है। मैं कहना चाहता हूं कि उत्तराखंड के लोकतंत्र पहरूवो सावधान, कांग्रेस तो सावधान है ही है।












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