योगी ने शिवपाल पर कसा तंज तो अखिलेश ने क्यों कहा कि बीजेपी के बूथों पर नाचेंगे भूत ?
लखनऊ, 19 फरवरी: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार के अलग अलग रंग दिखाई दे रहे हैं। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक दूसरे पर तीखे शब्द बाण छोड़े जा रहे हैं तो कोई किसी की चुटकी लेने से नहीं चूक रहा है। योगी ने शिवपाल और अखिलेश की एक वायरल तस्वीर को लेकर तंज कसते हुए कहा कि चाचा की सपा में काफी दुर्गती हो रही है। योगी तो चुटकी ले रहे हैं वहीं जयंत चौधरी ने तो यहां तक कह दिया कि दस मार्च के बाद गोरखपुर वापसी का ट्रेन कटाकर योगी को देंगे। जयंत यह बताना चाह रहे थे कि यूपी की जनता योगी को नकार चुकी है और दस मार्च के बाद उनका बोरिया बिस्तर बंध जाएगा। इन दावों और प्रतिदावों के बीच इसका फैसला तो दस मार्च को ही होगा कि किसका टिकट लखनऊ का कटेगा और किसका गोरखपुर का।

शिवपाल की अनदेखी पर योगी ने क्यों ली चुटकी
सीएम योगी सपा पर तंज कसने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं। अखिलेश यादव मुलायम को लेकर करहल में प्रचार करने गए थे। इस दौरान एसी बस में उनके चाचा शिवपाल भी उनके साथ मौजूद थे। वायरल तस्वीर में दिख रहा था कि बस में दो सीटों पर मुलायम और अखिलेश बैठे हैं और जनता का अभिवादन कर रहे हैं। इस तस्वीर में शिवपाल यादव मुलायम के पीछे खड़े दिखायी दे रहे हैं और उनके चेहरे पर खामोशी छाई हुई है। चेहरे पर खामोशी और उदासी देखकर ही योगी ने शिवपाल पर तंज कसते हुए कहा कि अब चाचा की सपा में दुर्गती हो रही है।

अखिलेश ने क्यों कहा..बीजेपी के बूथों पर नाचेंगे भूत
यूपी में पहले औ दूसरे चरण का मतदान समाप्त हो गया है। सभी दल अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा था कि पहले दो चरण में ही सपा ने सीटों का शतक पूरा कर लिया है। हालत यह है कि तीसरे चरण के बाद बीजेपी के बूथों पर भूत नाचेंगे। यानी वह बीजेपी को यह बताने की काशिश कर रहे थे कि भाजपा के हाथ से बाजी निकल चुकी है और यूपी में सपा की सरकार बनने जा रही है। लेकिन ये तो अखिलेश के दावे हैं। इन दावों की सच्चाई तो दस मार्च के बाद ही पता लगेगी कि मातम किस खेमे में पसरेगा और भूत कौन सी पार्टी के कार्यालय पर नाचेंगे।

क्या बीजेपी के जाल में फंस गए बाप बेटे
पूर्वांचल में जातीय समीकरण की वजह से पार्टियों के लिए राह कभी आसान नहीं रही है लेकिन मोदी लहर पर सवार बीजेपी ने पूर्वांचल में पिछली बार शानदार प्रदर्शन किया था। उस समय सुभासपा के चीफ राजभर बीजेपी के सहयोगी थे। इसका लाभ भी उन्हें मिला था और वह जहूराबाद सीट से विधायक बनने में कामयाब हो गए। लेकिन बाद में बीजेपी के साथ मतभेद के चलते उन्होंने अलग रास्ता अख्तियार कर लिया था। चुनाव में इस बार राजभर का अखिलेश के यादव के साथ गठबंधन हो चुका है। इसके तहत जहूराबाद की सीट उनके खाते में है। साथ ही उनके बेटे अरविंद राजभर को वाराणसी की शिवपुर सीट से उतारा है। दोनों ही जगहों पर बीजेपी ने इस बार ऐसा चक्रव्यूह रचा है कि बाप-बेटे को चुनावी नैया पार करने के लिए काफी पसीना बहाना पड़ेगा।

योगी की घर वापसी का टिकट कराएंगे जयंत ?
यूपी विधानसभा चुनाव के पहले दो चरणों में योगी काफी अटैकिंग मूड में दिखाई दिए थे। वह कह रहे थे कि दस मार्च के बाद सबकी गर्मी शांत कर दूंगा। अब योगी अपने हर संबोधन में कह रहे हैं कि चुनाव के बाद भी यूपी में बुलडोजर चलता रहेगा। योगी के इस आक्रामक तेवर का जवाब आरएलडी के चीफ जयंत ने यह कहकर दे दिया कि दस मार्च के बाद वह योगी का गोरखपुर का टिकट खुद कराएंगे और उन्हें घर वापस भेजने का इंतजाम करेंगे। यानी दोनों तरफ से एक दूसरे को शह और मात देने का खेल चल रहा है लेकिन अस्वीर तस्वीर तो दस मार्च के बाद ही सामने आएगी कि कौन किसका टिकट कटाएगा और किसकी घर वापसी होगी।












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