Ayodhya में बन रहे लता मंगेशकर चौक को पूरा करने में जुटी योगी सरकार, जानिए पूरा Update
लखनऊ, 16 सितंबर: उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में अहम रोल अदा करेगी। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक तरफ जहां अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण चल रहा है वहीं दूसरी ओर अयोध्या को सजाने संवारने की कवायद भी शुरू हो गई है। योगी सरकार की कोशिश है कि जैसे ही राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाए और इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाए वैसे ही यहां चल रही सरकार की अधिकांश परियोजनाएं भी पूरी हो जाएं। इसी को लेकर सरकार अयोध्या में एक तरफ जहां काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर कॉरिडोर बनवा रही हैं वहीं दूसरी ओर सुर साम्राज्ञी लता मंगेश्कर चौक के निर्माण में भी जुटी हुई है।

लता चौक पर लगेगी 40 फीट ऊंची प्रतिमा
अधिकारियों की माने तो मंदिर शहर में लता मंगेशकर क्रॉसिंग पर स्थापित किए जाने वाले ट्रेलर-ट्रक पर 40 फीट लंबा भारतीय शास्त्रीय संगीत वाद्ययंत्र 14 टन वजनी वीणा गुरुवार को नोएडा से अयोध्या पहुंचा। वीणा को मास्टर मूर्तिकार राम वनजी सुतार ने डिजाइन किया है, जिन्होंने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति) को डिजाइन किया है। उनकी डिजाइन को पूरी दुनिया में सराहा जाता है। दरअसल लता मंगेशकर का इस साल फरवरी में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था जिसके बाद सीएम ने उनके नाम पर मंदिर शहर में एक चौक बनाने की योजना की घोषणा की थी।

इस प्रोजेक्ट पर सरकार खर्च कर रही 7.9 करोड़ रुपये
राम सुतार भी अपने बेटे के साथ अयोध्या पहुंच चुके हैं। वीणा को प्रसिद्ध नया घाट क्रॉसिंग पर स्थापित किया जाएगा जिसका नाम बदलकर भारत रत्न से सम्मानित दिवंगत लता मंगेशकर के नाम पर रखा गया है। नोएडा स्थित वास्तुकार रंजन मोहंती ने स्मृति चौक को डिजाइन किया है, जहां लता मंगेशकर के प्रसिद्ध भजन भी बजाए जाएंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने परियोजना में तेजी लाई है और 7.9 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस प्रोजेक्ट के 15 अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है।

56 डिजाइन में से चुनी गई थी चौक की डिजाइन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अगले महीने दिवाली की पूर्व संध्या पर अयोध्या में दीपोत्सव समारोह में क्रॉसिंग का उद्घाटन कर सकते हैं। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया कि नया घाट ट्राई-क्रॉसिंग पर लता मंगेशकर स्मृति चौक का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सरकार ने परियोजना के लिए 7.9 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। " खास बात यह है कि इस चौक के लिए 13 राज्यों से 56 डिजाइन आए थे जिनमें से अंतिम तीन को सीएम के सौंपा गया था जिसपर अंतिम फैसला लिया गया।

सरकार के एजेंडे में सबसे उपर है अयोध्या
दरअसल सरकार बनने के बाद से ही अयोध्या योगी सरकार के एजेंडे में सबसे उपर रहा। पिछले साढ़े चार साल में योगी सरकार ने अयोध्या के कायाकल्प के लिए काफी कदम उठाए। योगी ने सबसे पहले फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या जिला रखा। इसके बाद अयोध्या में सरकार ने श्रीराम एयरपोर्ट बनाने का ऐलान किया था। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत की जो अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। संगीतमय स्वरों को दर्शाने के लिए तालाब में एक सर्कुलेटरी वॉकवे और सात संगीत स्तंभ होंगे। खंभों के माध्यम से लता मंगेशकर के 'भजन' बजाए जाएंगे।

दोपोत्सव से पहले हो सकता है इसका उद्घाटन
दीपोत्सव में सरकार अयोध्या की पूरी ब्रांडिंग पर करोड़ों रुपए खर्च करती है। दीपोत्सव के साथ ही दशहरे पर रामलीला भव्य आयोजन सरकार की तरफ से किया जाता है और स्वयं मुख्यमंत्री हमेशा वहां जाते रहे हैं। इस बीच राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ जिस पर योगी हमेशा नजर बनाए हुए हैं। ये कार्यक्रम योगी सरकार ने हिन्दुत्व के एजेंडे के तहत ही आगे बढ़ाया है। चौक के केंद्र में एक 'वीणा' (संगीत वाद्ययंत्र) की 40 मीटर ऊंची सफेद मूर्ति होगी। स्टेनलेस स्टील से बने 92 कमल के फूलों वाले तालाब में मंच होगा जिस पर वीणा स्थापित की जाएगी।












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