UP : ड्रेन वाटर के बेहतर मैनेजमेंट का ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है Yogi सरकार, जानिए इसके फायदे
लखनऊ, 09 सितंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब यूपी में ड्रेन वाटर के बेहतर मैनेजमेंट को लेकर अफसर एक ब्लूप्रिंट तैयार करने में जुटे हैं। सरकार का मकसद है कि ड्रेन वाटर सिस्टम को विकसित किया जाए जिसका लाभ किसान सिंचाई के लिए भी कर सकते हैं। हालांकि इस ब्लूप्रिंट को लेकर अफसर ज्यादा बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन सूत्रों की माने तो नमामि गंगे के इंजीनियरों को इस टारगेट को पूरा करने और परियोजना को धरातल पर उतारने का जिम्मा सौंपा गया है।

ड्रेन वाटर के इस्तेमाल की योजना पर हो रहा काम
सरकार सिंचाई के लिए नाली के पानी का उपयोग करने के लिए एक अभिनव योजना पर काम कर रही है। यह योजना किसानों को लाभान्वित करने के साथ-साथ नाली के पानी के बेहतर प्रबंधन के साथ पर्यावरण की रक्षा करने की है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि नाले के पानी को सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने का खाका तैयार किया जा रहा है उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के इंजीनियरों को कार्य पूरा करने और परियोजना को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है।

पानी को सिंचाई लायक बनाने की कवायद
नदियों में छोड़े गए नाले के पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए सिंचाई के लायक बनाने की तैयारी की जा रही थी। प्रवक्ता ने बताया कि इससे नदियों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अपशिष्टों के पुनर्चक्रण और सिंचाई के लिए नाली के पानी का उपयोग करने से न केवल जलमार्गों में छोड़े जाने वाले अपशिष्ट जल की मात्रा में कमी आई है, बल्कि उपचारित पीने योग्य पानी की मांग में भी कमी आई है, जिससे सिंचाई की लागत में काफी कमी आई है।

नदियों को स्वच्छ बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी
राज्य में बहने वाले 848 नालों की निगरानी के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ नालों के पास रहने वाले लोगों की पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। पानी को ट्रीटमेंट प्लांट की ओर मोड़ने के लिए नालों को नदियों में मिलाने से पहले उन्हें बंद कर दिया जाएगा। हालांकि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार गंगा सहित राज्य की सभी बड़ी और छोटी नदियों को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है।

नमामि गंगे के इंजीनियरों को सौंपी गई ब्लूप्रिंट की जिम्मेदारी
नमामि गंगे विभाग राज्य भर में चल रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के संचालन की निगरानी करेगा। विभाग ने जल संरक्षण के क्षेत्र में नए प्रयोग करने की योजना बनाई है। सीसीटीवी (क्लोज्ड सर्किट टीवी) कैमरों से गंगा की निगरानी की योजना इसी माह तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नमामि गंगे परियोजना से नदियों की सफाई में बदलाव आया है। नदियों की सफाई योगी सरकार के एजेंडे में शामिल है और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।

गंगा से जुड़े सभी एसटीपी की होगी ऑनलाइन निगरानी
हालांकि योगी सरकार ने नालों के पानी को नदियों में गिरने से रोकने और सिंचाई के लिए इसका उपयोग करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ यह किसानों के लिए भी उपयोगी होगा। सिंह ने कहा कि गंगा से जुड़े सभी एसटीपी के संचालन की भी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। अधिकारियों का भी दावा है कि जल्द ही सरकार के इस अभियान का असर दिखने लगेगा।












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